Mojtaba Khamenei Moscow Treatment: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने दुनिया को चौंका दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेने को बिगड़ती सेहत और सुरक्षा कारणों से गुप्त रूप से रूस ले जाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें रुसी सैन्य विमान से मॉस्को लाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सब मोजतबा खामेनेई के खिलाफ सख्त कदम उठाने में जुटे हुए हैं, ये तब से चल रहा है जब से उन्हें पिता अली खामेनेई की जगह ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। मोजतबा के घायल होने की खबरें भी आईं, लेकिन ईरान ने इसका खंडन किया। जहां एक तरफ ट्रंप उनके जीवित होने पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकी इस युद्ध में एक नया मोड़ ला सकती है।
पुतिन की शरण में पहुंचे मोजतबा खामेनेई
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस के सैन्य विमान से ने गुरुवार को मोजतबा खामेनेई को गोपनीय तरीके से तेहरान से मॉस्को भेजा। बताया जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रपति भवन के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी सफल रही। ईरान में बमबारी और हवाई हमलों की वजह से उनका इलाज नहीं हो पा रहा था, जिसके बाद उन्हें ईरान से बाहर भेजने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोजतबा को शरण देने का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद वह रूस पहुंचे और उनका इलाज शुरू हुआ। ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को खामेनेई की लोकेशन लीक होने का खतरा था, इसलिए उन्हें मॉस्को भेजा गया। यह प्रस्ताव पुतिन ने खुद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन से बातचीत में रखा।
ट्रंप ने किया था जिंदा न होने का दावा
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर बड़ा बयान देकर सस्पेंस और बढ़ा दिया था। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें संदेह है कि मोजतबा जिंदा भी हैं या नहीं, क्योंकि काफी समय से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उनका ये बयान उस समय पर आया था जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान मोजतबा के घायल होने की खबरें आईं थी।























