New Passport Ranking 2026: आज के समय में किसी देश की असली ताकत उसकी अर्थव्यवस्था या सेना ही नहीं, बल्कि उसके नागरिकों को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की आज़ादी से भी आंकी जाती है। इसी आधार पर हर साल जारी होने वाला Henley Passport Index 2026 दुनिया के देशों के पासपोर्ट की ताकत को सामने लाता है। इस साल की रिपोर्ट ने साफ दिखा दिया है कि वैश्विक ताकत का संतुलन धीरे-धीरे एशिया की ओर झुक रहा है।
New Passport Ranking 2026: भारत की रैंकिंग में सुधार
भारत की बात करें तो Henley Passport Index 2026 में भारत 80वें स्थान पर है। यह पिछले साल के मुकाबले 5 पायदान की बढ़त है। अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है। यह सुधार भले ही बड़ा न लगे, लेकिन भारत के लिए इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

Most Powerful Passport: सिंगापुर बना दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट
Henley Passport Index 2026 में सिंगापुर ने पहला स्थान हासिल किया है। सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाले नागरिक 192 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल यात्रा कर सकते हैं। यह दुनिया में सबसे ज़्यादा है।
इसके बाद जापान और साउथ कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिकों को 188 देशों में वीजा-फ्री एंट्री मिलती है।
Henley Passport Index: यूरोप और यूएई की मजबूत मौजूदगी
यूरोप के कई देश इस रैंकिंग में मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। डेनमार्क, स्पेन, स्वीडन और स्विट्ज़रलैंड जैसे देश तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की छलांग सबसे ज्यादा चर्चा में रही। बीते 20 सालों में यूएई ने करीब 57 पायदान की बढ़त हासिल कर खुद को टॉप 5 देशों में शामिल कर लिया है। यह दिखाता है कि सही कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय रिश्ते किसी देश की यात्रा शक्ति को कितना बदल सकते हैं।

अमेरिका की वापसी, लेकिन चुनौतियां बरकरार
अमेरिका की स्थिति भी खास रही। पिछले साल रैंकिंग में गिरावट के बाद अमेरिका फिर से टॉप 10 में लौट आया है। 2026 में अमेरिका 10वें स्थान पर है और उसके नागरिक 179 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं।
इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया भी टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
Least Powerful Passport: दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट कौन से?
दूसरी तरफ, दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट की सूची में अफगानिस्तान सबसे नीचे है। अफगान पासपोर्ट के साथ केवल 24 देशों में ही वीजा-फ्री यात्रा संभव है। इसके बाद सीरिया, इराक, पाकिस्तान, यमन और सोमालिया जैसे देश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आज सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट के बीच का अंतर 168 देशों तक पहुंच गया है, जो 2006 में केवल 118 था।

पाकिस्तान के लिए राहत भरी खबर
पाकिस्तान के लिए इस बार थोड़ी राहत की खबर है। वह 98वें स्थान पर पहुंच गया है और लंबे समय बाद टॉप 100 में शामिल हुआ है। पिछले साल पाकिस्तान 103वें स्थान पर था। हालांकि रैंक सुधरने के बावजूद वीजा-फ्री देशों की संख्या घटकर 31 रह गई है, जो पिछले साल 33 थी।
दुनिया के टॉप 10 मजबूत पासपोर्ट 2026
| रैंकिंग | देश का नाम | वीजा-फ्री देश |
|---|---|---|
| 1 | सिंगापुर | 192 देश |
| 2 | जापान, साउथ कोरिया | 188 देश |
| 3 | डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड | 186 देश |
| 4 | ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे | 185 देश |
| 5 | हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, यूएई | 184 देश |
| 6 | क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड, पोलैंड | 183 देश |
| 7 | ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टाइन, यूनाइटेड किंगडम | 182 देश |
| 8 | कनाडा, आइसलैंड, लिथुआनिया | 181 देश |
| 9 | मलेशिया | 180 देश |
| 10 | अमेरिका | — |
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