Punjab Government Free Bus Service : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 के रद्द होने से जहां 22 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है, वहीं इस राष्ट्रीय संकट के बीच आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के इतिहास में पहली बार परीक्षार्थियों के हक में बड़ा फैसला लेते हुए
ऐलान किया है कि 20, 21 और 22 जून को होने वाली परीक्षा के लिए पंजाब रोडवेज की सभी बसों में NEET छात्रों का सफर बिल्कुल मुफ्त होगा। छात्रों को बस अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और बिना एक भी रुपया खर्च किए वे अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकेंगे।
‘तुम्हारा सपना, हमारी जिम्मेदारी’
यह क्रांतिकारी कदम अरविंद केजरीवाल और छात्रों के बीच हुए उस सीधे संवाद का नतीजा है, जिसमें देश भर के गरीब बच्चों ने बार-बार पेपर लीक होने के कारण दोबारा परीक्षा देने के आर्थिक बोझ और बस किराए तक के पैसे न होने का दर्द बयां किया था। इस बड़े फैसले के साथ आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि ‘तुम्हारा सपना, हमारी ज़िम्मेदारी’ है और परीक्षा के इस मानसिक तनाव के बीच पंजाब सरकार हर कदम पर देश के होनहारों के साथ खड़ी है। यह राजनीतिक इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता का वो सीधा उदाहरण है, जो आज राष्ट्रीय और पंजाब के क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों पर सबसे बड़ी बहस का मुद्दा बन चुका है।
लगाया केंद्र सरकार पर आरोप
एक तरफ केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार का पूरा परीक्षा तंत्र भ्रष्टाचार की दीमक से खोखला हो चुका है, जहां NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा अब योग्यता का पैमाना न रहकर माफियाओं के हाथों की ‘नीलामी’ बन चुकी है।
परीक्षा से ठीक 42 घंटे पहले प्रश्नपत्रों का व्हाट्सएप (WhatsApp) पर सरेआम बिकना और पिछले 10 सालों में रिकॉर्ड 89 बार पेपर लीक होकर 48 बार परीक्षाओं का दोबारा होना यह साबित करता है कि केंद्र सरकार देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। हर बार सीबीआई जांच का झुनझुना थमा दिया जाता है, लेकिन नतीजा हमेशा सिफ़र रहता है।
इस सरकारी लापरवाही और संगठित भ्रष्टाचार की सबसे दर्दनाक कीमत उन ईमानदार छात्रों को चुकानी पड़ रही है, जिन्होंने रात-रात भर जागकर अपनी आंखें जलाई थीं। किसी गरीब पिता ने अपनी ज़मीन गिरवी रखकर तो किसी मां ने अपने आखिरी गहने बेचकर अपने बच्चे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था, जिसे भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने एक रात में कुचल दिया। हताशा और गहरे मानसिक तनाव के कारण देश के कई हिस्सों से बच्चों द्वारा आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने की खबरें आ रही हैं, जो इस देश के सिस्टम पर एक बहुत बड़ा कलंक है।
किया आधिकारिक पोस्टर जारी
लेकिन इसी निराशा के माहौल में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने देश को दिखाया है कि युवाओं के लिए काम कैसे किया जाता है। पंजाब सरकार ने आधिकारिक पोस्टर जारी कर नारा दिया है—*”ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ, ਹਰ ਬੱਚੇ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ” (शिक्षा का अधिकार, हर बच्चे का अधिकार)*। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सुनिश्चित किया है कि केंद्र के निकम्मेपन की सज़ा किसी गरीब बच्चे को न भुगतनी पड़े और पैसे की कमी के कारण किसी भी छात्र की परीक्षा न छूटे।
यह सीधा तुलनात्मक उदाहरण देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बेहद ज़रूरी और ऐतिहासिक मोड़ है। यह फर्क दिखाता है कि एक तरफ वो व्यवस्था है जो युवाओं को केवल पेपर लीक, कोर्ट-कचहरी, मानसिक प्रताड़ना और अंतहीन आर्थिक बोझ देती है; वहीं दूसरी तरफ वो जवाबदेह सोच है जो संकट के समय छात्रों के आंसू पोंछकर उनके संघर्ष को आसान बनाती है। आज देश के सामने यह समझना बेहद ज़रूरी हो गया है कि युवाओं का भविष्य पेपर माफियाओं के हवाले छोड़ देने वाली नीति से नहीं, बल्कि छात्रों को सुरक्षा, सम्मान देने वाली राजनीति से ही सुरक्षित होगा।
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