तेहरान, 21 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के कब्जे में रहे जहाज के 20 ईरानी नाविक गुरुवार को तेहरान लौटे। ये सभी इस्लामाबाद के रास्ते अपने देश लौट पाए। ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ये कई देशों से किए गए कूटनीतिक संवाद के बाद मुमकिन हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान और सिंगापुर समकक्षों से इस मुद्दे पर लगातार बातचीत जारी रखी। वो सफल रहे और नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो पाई।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि यह रिहाई ईरान, पाकिस्तान और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों के बीच “गहन परामर्श” के बाद संभव हुई। यह मामला उस जहाज से जुड़ा है जिसे अमेरिका ने पहले रोककर अपने नियंत्रण में लिया था। बाद में क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता के जरिए नाविकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्रू मेंबर सिंगापुर के आसपास समुद्री क्षेत्र में फंसे हुए थे। जहाज पर 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी नागरिक मौजूद थे।
कूटनीतिक बातचीत के बाद ईरान, पाकिस्तान और सिंगापुर के विदेश मंत्रालयों के बीच समन्वय हुआ, जिसके जरिए सभी नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
इन नाविकों को पहले सिंगापुर से बैंकॉक (थाईलैंड) ले जाया गया, फिर वहां से इस्लामाबाद (पाकिस्तान) पहुंचाया गया। इसके बाद ईरानी नाविकों को तेहरान भेज दिया गया।
दरअसल, अमेरिकी बलों ने 19 अप्रैल को एक छोटे कंटेनर जहाज को रोककर जब्त कर लिया था। यह जहाज ईरान के आईआरआईएसएल (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स) समूह का हिस्सा था, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। यह कार्रवाई ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास की गई थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि जहाज के चालक दल ने लगभग 6 घंटे तक दी गई कई चेतावनियों का पालन नहीं किया, जिसके बाद अमेरिकी बलों ने जहाज पर कार्रवाई की।
सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी बलों ने कई बार चेतावनी दी और ईरानी ध्वज वाले इस जहाज को बताया गया था कि यह अमेरिकी “नाकाबंदी” के नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



