रास लाफान तेल सेंटर पर हमले के बाद कतर ने ईरानी सेना और सुरक्षा अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने को कहा

Summary :

Qatar Fire Backs at Iran : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से लगातार युद्ध चल रहा है। इस बीच कतर ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के कुछ मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर 24 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा है। एक्स पर एक पोस्ट में, कतर विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने राज्य में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट भेजा है, जिसमें कहा गया है कि कतर दूतावास में सैन्य और सुरक्षा से जुड़े, व इनसे जुड़े ऑफिशियल को "पर्सोना नॉन ग्रेटा" मानता है, और…

Qatar Fire Backs at Iran : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से लगातार युद्ध चल रहा है। इस बीच कतर ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के कुछ मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर 24 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा है।
एक्स पर एक पोस्ट में, कतर विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने राज्य में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट भेजा है, जिसमें कहा गया है कि कतर दूतावास में सैन्य और सुरक्षा से जुड़े, व इनसे जुड़े ऑफिशियल को "पर्सोना नॉन ग्रेटा" मानता है, और उनसे अधिकतम (24) घंटों की अवधि के भीतर देश छोड़ने का अनुरोध करता है।

दरससल यह निर्णय तब लिया गया जब ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला किया। यह गैस प्लांट ‘रास लफान’ है जिस पर ईरानी मिसाइल हमला किया गया। इससे वहां आग लग गई और काफी नुकसान हुआ।

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर पर हमला कर दिया, जिसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया था। अब इसी को लेकर कतर ने ईरानी ऑफिशल को देश छोड़ने की बात कही है।

Trump Warning to Iran: ट्रम्प ने दी धमकी

Trump Warning to Iran
Trump Warning to Iran (Social Media)

बता दें इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने साफ कहा कि कतर पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ट्रम्प की धमकी से पहले ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कतर में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफ्फान (Ras Laffan) पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ले ली है.

Iran Statement on Attack: ईरान ने ली थी जिम्मेदारी

ईरान ने साफ कहा कि यह हमला ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 63वीं लहर का हिस्सा था. ईरान का दावा है कि उन्होंने यह कदम अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया है. IRGC ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा हमला हुआ, तो वे दुश्मन के एनर्जी ठिकानों को पूरी तरह से मटियामेट कर देंगे.

Qatar Fire Backs at Iran: हमले के जवाब में हमला

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर पर हमला कर दिया, जिसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया और उसके अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इजराइल के हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। उनके मुताबिक, ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया।

जानकारी के अनुसार, ईरान ने केवल कतर ही नहीं, बल्कि इजरायल के अंदर भी कोहराम मचाने का दावा किया है. IRGC के अनुसार, उन्होंने ऋृषोन लेजियन, रामला, लोद, ईलात, रामत गन, बेनी ब्राक, बैट यम और होलोन जैसे शहरों में 80 मिलिट्री ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं.

इन हमलों में मल्टी-वारहेड मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया. ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि अगली बार उनका रिस्पॉन्स आज की तुलना में कहीं ज्यादा खतरनाक होगा.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।