UP के चर्चित IAS रिंकू सिंह ने दिया इस्तीफा, प्रशासनिक व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप

Rinku Singh Rahi resignation

Rinku Singh Rahi Resignation: उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने आज (मंगलवार) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। 2022 बैच के आईएएस ने अपने इस्तीफे में बताया कि लंबे समय से उन्हें न पोस्टिंग मिल रही थी और न काम मिल रहा। रिंकू सिंह लंबे समय से राजस्व परिषद में अटैच थे और उन्हें काम करने का मौका नहीं मिल रहा था। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्यों दिया इस्तीफा?

रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा कि उन्हें लंबे समय से न तो पोस्टिंग दी गई और न ही कोई गरिमापूर्ण काम दिया जा रहा था। वे सिर्फ जुड़े रहे हैं, लेकिन उन्हें जनसेवा का मौका नहीं दिया गया। रिंकू सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। जिसके चलते वे अपनी भूमिका सही ढंग से निभा नहीं पा रहे थे।

वायरल हुआ था वीडियो

आपको बता दें कि रिंकू सिंह राही ने 28 जुलाई को शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में उपजिलाधिकारी (SDM) के रूप में कार्यभार संभाला था। अगले ही दिन उन्होंने जगह-जगह फैली गंदगी, गंदे शौचालय और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए। इसी दौरान उन्होंने तहसील परिसर में खुले में एक वकील के मुंशी को पेशाब करते हुए देखा। इस पर नाराज होकर SDM ने मौके पर ही उस व्यक्ति को उठक-बैठक लगाने की सजा दी, जिससे वकीलों में नाराजगी फैल गई। जिसकी वीडियो काफी वायरल भी हुई। इसके मात्र 36 घंटे में उन्हें हटा दिया गया। घटना के बाद सरकार ने उन्हें अटैच कर दिया था और तब से उन्हें नई पोस्टिंग नहीं मिली थी।

कौन हैं रिंकू सिंह राही?

जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह राही का जन्म उत्तर प्रदेश के हाथरस में 20 मई 1982 को हुआ। उनके पिता एक छोटी सी आटा चक्की चलाते थे। रिंकू सिंह राही ने अपनी प्राथमिक पढ़ाई सरकारी स्कूल से ही की। 12वीं पास करने के बाद रिंकू सिंह राही ने बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

रिंकू सिंह को लगी 7 गोलियां

रिंकू सिंह राही ने 2004 में UPPCS में सफलता हासिल की। इसके बाद 2008 में वह जिला समाज कल्याण अधिकारी बने। 2021 में UPSC परीक्षा में 683वीं रैंक प्राप्त कर 2022 बैच के आईएएस अफसर बन गए। 26 मार्च 2009 को मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्होंने 100 करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफाश किया। जिसके बाद वह माफिया के निशाने पर आ गए। एक दिन बैडमिंटन खेलते वक्त दो बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, जिसमें उन्हें 7 गोलियां लगीं।

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