बता दें, छात्र के मृत घोषित होने की खबर पहुंचते ही कैंपस में छात्रों ने बवाल शुरू कर दिया, तोड़फोड़ शुरू हो गई और कैंपस बंद करा दिया गया. इसके साथ ही भोजूबीर मार्केट को भी बंद करा दिया गया. मौके पर वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भारी पुलिस फोर्स के साथ यूपी कॉलेज पहुंचे.
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने साथी अनुज के साथ हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गया और रास्ते में हथियार झाड़ियों में फेंक दिया।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतक और आरोपी के बीच कुछ दिनों पहले विवाद हुआ था। मामला कॉलेज प्रशासन तक भी पहुंचा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दोनों के बीच तनाव बना रहा। हॉस्टल में रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह और आर्ट्स फैकल्टी के छात्र मंजीत चौहान के बीच यही रंजिश इस वारदात की वजह मानी जा रही है।
प्रिंसिपल के सामने चली गोलियां
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह ने दोनों छात्रों को समझाने के लिए बुलाया था। इसी दौरान बातचीत बहस में बदल गई और अचानक मंजीत चौहान ने पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन सूर्य प्रताप को लगीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला।
घटना की खबर फैलते ही कॉलेज परिसर में तनाव बढ़ गया। आक्रोशित छात्रों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और कैंपस बंद करा दिया। विरोध प्रदर्शन का असर आसपास के इलाकों तक भी देखने को मिला, जहां भोजूबीर मार्केट को भी बंद करा दिया गया।
पुलिस बल तैनात, जांच जारी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल उसकी तलाश जारी है और मामले की जांच की जा रही है।
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