UP Scholarship Scheme: उत्तर प्रदेश में इस बार छात्रों के लिए होली का त्योहार बेहद खास रहने वाला है। दरअसल सरकार ने होली से पहले छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने और आय सीमा में राहत देने की घोषणा की है। इस फैसले से राज्य के लाखों छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
Class 9-10 Scholarship Increase Scheme: 9वीं-10वीं के छात्रों की बढ़ेगी छात्रवृत्ति

- सरकार ने 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने का फैसला किया है।
- पहले इन छात्रों को 2250 रुपये की सहायता राशि मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है।
- इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में सहूलियत मिलेगी।
- पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह फैसला छात्र हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।
- उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
UP Scholarship Scheme: आय सीमा में बढ़ोतरी से ज्यादा छात्रों को लाभ

- सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत आय सीमा में भी बदलाव किया है।
- पहले ओबीसी वर्ग के छात्रों के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये तय थी।
- अब इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
- इस बदलाव से ऐसे परिवारों के बच्चे भी योजना का लाभ ले सकेंगे, जो थोड़ी सी आय बढ़ने के कारण पहले पात्र नहीं हो पाते थे।
- आय सीमा बढ़ने से छात्रवृत्ति का दायरा और विस्तृत होगा और ज्यादा विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
Uttar Pradesh Education Scheme: 38 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा
- लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि इस फैसले का लाभ वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख छात्रों को मिलने की उम्मीद है।
- सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी पात्र छात्र को आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़नी न पड़े।
- उन्होंने यह भी बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत साल 2023-24 से अब तक कोई भी पात्र विद्यार्थी वंचित नहीं रहा है।
- सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सहायता राशि समय पर छात्रों तक पहुंचे।
अब पहले मिलती है छात्रवृत्ति
- सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण की तारीख में भी बदलाव किया है।
- पहले यह राशि 31 मार्च को दी जाती थी, जिससे छात्रों को सत्र के अंत में लाभ मिलता था।
- अब यह राशि 25 सितंबर से ही वितरित की जा रही है।
- इससे छात्रों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही आर्थिक सहयोग मिल जाता है, जो किताबें, फीस और अन्य जरूरतों के लिए मददगार साबित होता है।
दिव्यांगजनों की पेंशन में भी बढ़ोतरी
- छात्रों के साथ-साथ दिव्यांगजनों को भी राहत दी गई है।
- दिव्यांग पेंशन को 1000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
- बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले यह राशि केवल 300 रुपये थी।
- वर्तमान सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर पांच गुना तक पहुंचा दिया है।
शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
- इन फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
- छात्रवृत्ति में वृद्धि और आय सीमा में राहत से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बड़ा सहारा मिलेगा।
- वहीं, दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ने से उन्हें भी बेहतर जीवनयापन में मदद मिलेगी।
- सरकार का मानना है कि इन कदमों से समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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