US F-15 Hit by Iran : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक और बड़ा दावा कर सबका ध्यान खींच लिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज आइलैंड के पास एक F-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया है। हालांकि इस दावे की अब तक अमेरिका या इजराइल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे युद्ध को लेकर नई बहस जरूर छिड़ गई है।
Iran की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र में उड़ रहे एक दुश्मन के F-15 जेट को एयर डिफेंस सिस्टम ने जमीन से मिसाइल दागकर निशाना बनाया। सरकारी चैनल Press TV ने भी इस घटना का जिक्र करते हुए एक वीडियो दिखाने का दावा किया है, जिसमें जेट गिरता नजर आ रहा है।
इस पूरे मामले पर यूनाइटेड स्टेट और इजराइल की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में दोनों देशों को सैन्य नुकसान झेलने के दावे लगातार सामने आ रहे हैं।
Iran Israel Missile Conflict: 21 दिनों में 28 एयरक्राफ्ट प्रभावित
ईरान का कहना है कि चल रहे संघर्ष में अमेरिका और इजराइल को भारी नुकसान हुआ है। दावे के मुताबिक, सिर्फ 21 दिनों में 28 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और कई महंगे सैन्य सिस्टम प्रभावित हुए हैं। इनमें से कम से कम 17 एयरक्राफ्ट को मार गिराने या नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
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Military Tensions Iran US: ड्रोन से लेकर फाइटर जेट तक नुकसान

अमेरिका को कथित तौर पर 16 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल बताए जा रहे हैं। एक MQ-9 ड्रोन की कीमत लगभग 56.5 मिलियन डॉलर होती है, जिससे कुल नुकसान का आंकड़ा सैकड़ों मिलियन डॉलर तक पहुंचता है।
इसके अलावा, तीन F-15 स्ट्राइक ईगल कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ में नष्ट होने की बात कही जा रही है। 12 मार्च को इराक के ऊपर एक KC-135 फ्यूल टैंकर के क्रैश होने से 6 लोगों की मौत भी बताई गई है।
US F-15 Hit by Iran: F-35 पर भी निशाना
19 मार्च को ईरान ने अत्याधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि अमेरिकी सेना ने सिर्फ यह कहा कि विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पहली बार होगा जब इतने आधुनिक स्टील्थ जेट को इस तरह टारगेट किया गया हो।
Iran Air Defense: मिसाइल डिफेंस सिस्टम और रडार भी निशाने पर
ईरान ने अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD से जुड़े AN/TPY-2 रडार को भी निशाना बनाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब में तैनात ऐसे रडार प्रभावित हुए हैं। कतर के अल उदीद एयरबेस पर मौजूद AN/FPS-132 रडार को भी नुकसान पहुंचने की खबर है, जिसकी कीमत अरबों डॉलर में बताई जाती है।
जंगी जहाज पर आग, बढ़ता युद्ध खर्च
इस बीच अमेरिकी नौसेना के USS Gerald R. Ford पर आग लगने की घटना भी सामने आई, जिसे बुझाने में करीब 30 घंटे लगे। युद्ध का खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। शुरुआती 6 दिनों में ही अमेरिका ने 11 से 12 बिलियन डॉलर तक खर्च कर दिए। एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत करीब 3.5 मिलियन डॉलर होती है और अब तक सैकड़ों मिसाइलों के इस्तेमाल की बात कही जा रही है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष में दावे और हकीकत के बीच अंतर साफ नजर आता है। जहां एक तरफ ईरान बड़े-बड़े सैन्य नुकसान के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इजराइल की चुप्पी इस पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना रही है।
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