ईरान जंग के बीच ब्रिटेन की एंट्री! अरब सागर में भेजी मिसाइलों से लैस परमाणु पनडुब्बी, आगे क्या होगा?

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UK Submarine Iran Attack Capability: ब्रिटिश मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि एक न्यूक्लियर पावर वाली रॉयल नेवी सबमरीन अरब सागर में पहुंच गई है, जो ईरान पर क्रूज मिसाइल से हमला करने में सक्षम है। डेली मेल ने बताया कि सबमरीन, एचएमएस एनसन में टॉमहॉक ब्लॉक IV लैंड-अटैक मिसाइलें और स्पीयरफिश हेवीवेट टॉरपीडो लगे हैं, और माना जा रहा है कि यह उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में है। इसका मतलब है कि अगर लड़ाई बढ़ती है तो ब्रिटिश सेना के पास ईरान पर हमला करने की क्षमता है। ब्रिटेन ने दी अमेरिका को बेस…

UK Submarine Iran Attack Capability: ब्रिटिश मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि एक न्यूक्लियर पावर वाली रॉयल नेवी सबमरीन अरब सागर में पहुंच गई है, जो ईरान पर क्रूज मिसाइल से हमला करने में सक्षम है। डेली मेल ने बताया कि सबमरीन, एचएमएस एनसन में टॉमहॉक ब्लॉक IV लैंड-अटैक मिसाइलें और स्पीयरफिश हेवीवेट टॉरपीडो लगे हैं, और माना जा रहा है कि यह उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में है। इसका मतलब है कि अगर लड़ाई बढ़ती है तो ब्रिटिश सेना के पास ईरान पर हमला करने की क्षमता है।

ब्रिटेन ने दी अमेरिका को बेस इस्तेमाल की अनुमति

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अगर प्रधानमंत्री से इजाजत मिलती है, तो एचएमएस एनसन को फायर करने का आदेश दिया जाएगा और यह सतह के करीब जाकर चार मिसाइलें दागेगा। डाउनिंग स्ट्रीट के एक बयान के मुताबिक, शुक्रवार को ब्रिटेन ने अमेरिका को ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देने पर सहमति जताई थी, ताकि ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जा रही मिसाइल साइट्स और क्षमताओं को नष्ट किया जा सके।

Strait of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग

Strait of Hormuz
Strait of Hormuz (Source:Social Media)

जारी बयान में कहा गया कि ब्रिटेन “होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित रखने के लिए योजना बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम कर रहा है। इस कदम के बावजूद बयान में जोर दिया गया कि ब्रिटेन बड़े झगड़े में नहीं पड़ना चाहता है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने ब्रिटिश समकक्ष यवेट कूपर को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले में कोई भी मदद न करने की चेतावनी दी और कहा कि इस तरह की मदद से तनाव और बढ़ेगा।

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बाद में अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “ज्यादातर ब्रिटिश लोग ईरान पर इजरायल-अमेरिका की अपनी पसंद की लड़ाई में कोई हिस्सा नहीं लेना चाहते हैं। अपने ही लोगों को नजरअंदाज करके, स्टार्मर ब्रिटेन बेस को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर ब्रिटिश लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपनी सुरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।”

ब्रिटेन ने इसका विरोध किया है। उसी बातचीत में, कूपर ने ईरान को “ब्रिटेन के बेस, इलाके या हितों” को टारगेट करने के खिलाफ चेतावनी दी और आगे तनाव बढ़ने के खतरे पर जोर दिया।

UK Submarine Iran Attack Capability: ईरान की मिसाइल रेंज को लेकर बढ़ी चिंता

बीते दिनों ईरान ने डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसकी वजह से यह तनाव और बढ़ गया। बता दें, डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में अमेरिका-ब्रिटेन का रणनीतिक रूप से खास संयुक्त बेस है। हालांकि, ईरान की ओर से दागी गई दोनों में से कोई भी मिसाइल अपने टारगेट पर नहीं लगी। एक कथित तौर पर उड़ान के बीच में फेल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी नेवल इंटरसेप्टर ने निशाना बनाया। खैर, यह साफ नहीं है कि उसे सफलतापूर्वक नष्ट किया गया था या नहीं।

इस हमले की कोशिश ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरानी इलाके से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है, जिससे पहले के अंदाजे से ज्यादा रेंज होने का संकेत मिलता है। यह बेस इलाके की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, जिसमें अमेरिकी बॉम्बर, न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।