देश में कोरोना वायरस के दैनिक आंकड़ों में लगातार गिरावट जारी है। पिछले कई दिनों से महामारी के 20 हज़ार से कम मामले सामने आना बेहद रहत भरा है। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के घटते मामलों को लेकर एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को लापरवाही नहीं बरतने कि चेतावनी दी है।
उन्होने कहा कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और इसलिए लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘कोविड गुरुकुल’ शीर्षक से एक सूचना वीडियो सीरीज में दिखाई देते हुए, उन्होंने कहा कि दूसरा कोविड उछाल अभी भी जारी है, देश में प्रति दिन कई हजारों मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हम वैश्विक परिदृश्य को देखें, तो दुनिया के कई हिस्सों में मामले बढ़ रहे हैं। यह देखते हुए कि महामारी अंतत: समय के साथ स्थानिक हो जाएगी, जैसा कि पिछले कई महामारियों में हुआ है। हमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। डॉ रणदीप गुलेरिया नें कहा कि कोविड महामारी हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाएगी। अधिकांश प्रतिरक्षा वाले लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार और फ्लू जैसे लक्षण जैसे सामान्य लक्षण होंगे। लेकिन कम प्रतिरक्षा वाले बुजुर्ग लोगों को निमोनिया हो सकता है, ऐसी गंभीर बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो सकती है।
हालांकि, डॉ गुलेरिया ने चेतावनी दी कि वर्तमान समय में यह कहना जल्दबाजी होगी कि महामारी स्थानिक हो गई है और हमें अभी भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि हम नहीं जानते कि आने वाले समय में वायरस कैसे व्यवहार करेगा। उन्होंने कहा कि वायरस उत्परिवर्तित हो सकता है और अधिक संक्रामक हो सकता है, इसलिए हमें बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस बीच, भारत ने बुधवार को 18,333 ताजा कोविड मामले और 278 मौतों की सूचना दी है।


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