भारतीय सेनाएं चीन की आक्रामकता का माकूल जवाब देने में सक्षम हैं। पूर्वी लद्दाख में चीन से तनातनी के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि चीन की ताकत हासिल करने की विश्व स्तरीय महत्वाकांक्षाओं के कारण दक्षिण एशिया की स्थिरता पर ‘सर्वव्यापी खतरा’ है।
जनरल रावत ने यहां प्रथम रविकांत सिंह स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा कि चीन दक्षिण एशिया तथा हिंद महासागर क्षेत्र में अंदर तक सेंध लगा रहा है ताकि उभरती वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर सके। उन्होंने कहा कि म्यांमा तथा पाकिस्तान के साथ चीन के संबंध और बांग्लादेश पर उसकी प्रतिकूल कार्रवाई भी भारत के हित में नहीं हैं। जनरल रावत ने कहा कि चीन से सर्वाधिक सैन्य उपकरण प्राप्त करने वाले म्यांमा और पाकिस्तान वैश्विक मंच पर उससे समर्थन प्राप्त करते हैं।
सीडीएस ने भारत-पाक संबंधों पर कहा कि पाकिस्तान का सरकार प्रायोजित आतंकवाद तथा सरकार से इतर तत्वों की आतंकवादी गतिविधियां दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में अवरोधक हैं।उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के साथ चीन की साझेदारी और जम्मू कश्मीर पर उसके रुख को भारत विरोधी सांठगांठ के रूप में सबसे अच्छी तरह परिभाषित किया जा सकता है।’


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