कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार ने संसद के मौजूदा गतिरोध को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद चले, लेकिन मोदी सरकार डरी हुई है। विपक्षी दल मंगलवार सुबह 10 बजे बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
मोदी सरकार डरी हुई है!
रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘विपक्षी दल सुबह 10 बजे बैठक कर आज की रणनीति पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री से जुड़े अडाणी महाघोटाले पर जेपीसी की मांग रखने की अनुमति तक नहीं देने के कारण बने गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया है। विपक्ष चाहता है कि संसद चले लेकिन मोदी सरकार डरी हुई है!’’
इससे पहले सोमवार को ऐसे संकेत मिले थे कि संसद के दोनों सदनों में पिछले कुछ दिनों से जारी गतिरोध मंगलवार को खत्म हो सकता है तथा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो सकती है क्योंकि सरकार ने सोमवार को विपक्ष के साथ संपर्क साधा।
दोनों सदनों में गतिरोध
संसद में विपक्ष द्वारा अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग पर जोर दिए जाने के कारण जारी गतिरोध सोमवार को भी कायम रहा और दोनों सदनों की बैठक को एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी इसी मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में गतिरोध बना रहा था।
संसद का बजट सत्र गत मंगलवार, 31 जनवरी को शुरू हुआ था और उस रोज दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण हुआ था। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2023-24 का आम बजट पेश किया था।


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