सामूहिक पलायन पर कांग्रेस ने उठाया PM मोदी पर सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

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कांग्रेस प्रवक्ता और पंजाब के सांसद मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, “क्या गरीबों का जीवन मायने रखता है? सवाल – सरकार को खुद से यह पूछना चाहिए।”

बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों के बड़े पैमाने पर पैदल चलकर पलायन करने के मामले पर कांग्रेस ने सेामवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने सवाल किया कि गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं। कांग्रेस ने सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ये मजदूर सुरक्षित घर पहुंचें।

कांग्रेस प्रवक्ता और पंजाब के सांसद मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, “क्या गरीबों का जीवन मायने रखता है? सवाल – सरकार को खुद से यह पूछना चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं तो रेलवे और बसों को शुरू करें और उन्हें घर तक भेजें। उन्हें सड़कों पर जबरदस्ती न रोकें। यदि राज्य में उन्हें खिलाने और शरण देने की क्षमता होती तो वे सड़कों पर नहीं होते। कोशिश करें और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाएं।”

अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि “माननीय प्रधान मंत्री जी को मेरा पत्र, यह अनुरोध करते हुए कि जो लोग घर जाना चाहते हैं, उन्हें रोकने के बजाय इसे सुविधाजनक बनाएं और यदि आवश्यक हो तो वहां उन्हें आइसोलेट करें। मनीष तिवारी की ये टिप्पणी हजारों प्रवासी कामगार के पैदल ही अपने घर लौटने की घटना के मद्देनजर आई है।

प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए मंगलवार को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा करने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों के प्रवासी मजदूर पैदल अपने मूल स्थान पर जा रहे हैं। रेलवे ने 24 मार्च से 14 अप्रैल तक यात्री ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया है और यहां तक कि अंतरराज्यीय बस सेवाओं को 24 मार्च से देशव्यापी बंद के मद्देनजर निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को भारत में कोविद -19 रोगियों की कुल संख्या बढ़कर 1024 हो गई। 

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