भाजपा पर प्रहार करती हुई कांग्रेस पार्टी ने कहा, देश के बड़े उघोगपतियों ने बैंक से कर्ज लिया और कर्ज ना चुकाने पर बैंक का घोटाला कर विदेश भाग गए। लेकिन देश की सत्ताधारी मोदी सरकार के मित्र है यह बड़े उघोगपि। मोदी इन उघोगपतियों का कर्ज बेधड़क माफ कर रही है। वहीं, दुसरी तरफ जब आम आदमी बैंक से लोन लेता है अगर वह लोन को नहीं चुका पाता तो केंद्र सरकार अपमानित करके तरह-तरह के हथकंडे अपनाती है।
मोदी सरकार बड़े उघोगपतियों का कर रही कर्ज माफ- कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को यहां पार्टी मख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी सरकार पिछले पांच साल में केवल 13 फीसदी यानी 1,32,000 करोड़ रुपए का कर्ज ही वसूल कर सकी और 10,09,510 करोड़ रुपए के वसूल नहीं किये जा सके कर्ज को बट्टे खाते में डाल दिया। शेष कर्ज को बट्टे खो में डाल दिया और यह राशि वित्त वर्ष 2022-23 के राजकोषीय घाटे का लगभग 61 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि सरकारी बैंक बेधड़क बड़े उद्योग पतियों को कर्ज में छूट दे रही है और उन्हें बेधड़क 70-80 प्रतिशत देनदारी से मुक्तकर रहे हैं। मोदी सरकार के कार्यकाल में बैंकों का कर्ज 365 प्रतिशत बढा है और जान बूझकर कर्ज नहीं चुकाने की राशि 23,000 करोड़ से बढ़ कर 2.4 लाख करोड़ हो गई है। इस दौरान 38 पूँजीपतियों ने बड़ बैंक घोटाले किये और वे देश छोड़ कर भाग गये।
कांग्रेस ने कहा, केवल आम जनता से वसूला जाता लोन
प्रवक्ता ने कहा कि बैंक से कर्ज लोग घर खरीदने, गाड़ी खरीदने, पढ़ाई आदि के लिए लेते हैं और हर महीने किश्त चुका कर उसे अदा भी करते हैं। अगर एक भी किश्त देने में लोग चूके तो बैंक के फ़न जीना दूभर कर देगें और क्रेडिट रेटिंग खराब हो जाएगी तथा आगे कभी लोन मिलने की उम्मीद भी खत्म हो जाती है। यदि एकाध महीने लगातार किश्त नहीं दी तो सरेआम बेइज्जत करने के लिए बैंक एक दो कर्मियों भी भेज देते हैं। नाम का पोस्टर भी चिपका दिए जाएँगे, डरा धमका कर घर के आगे खड़ गाड़ भी खींच ली जाएगी। और अगर आप किसान हैं तो मुसीबत और भी बड़। प्राथमिकी दर्ज होगी, कचहरी में फ़टो लगेगी और जेल जाना तय है। तीन महीने तक लगातार किश्त ना दे पाने की हालत में आपका लोन एनपीए घोषित हो जाता है।


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