केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय में निगम अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे अस्पतालों में अलग वार्ड की सुविधाएं बढ़ाने का अनुरोध किया। अब तक कुल 28 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से तीन मरीज ठीक हुए हैं। इसी के साथ मंगलवार तक नेपाल की सीमा पर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की थी।
इस वायरस से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तैयारियां कर रही है। बुधवार को ऐलान किया कि अभी तक 15 लैब थीं, जहां पर कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। अब सरकार की ओर से 19 लैब और बनाई जाएंगी। इस बैठक में कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी, अस्पतालों में सुविधा समेत अन्य मसलों पर चर्चा हुई।
मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ” हमने दिल्ली के सभी अस्पतालों से अच्छी गुणवत्ता वाले आइसोलेशन वार्ड विकसित करने का अनुरोध किया है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के अधिक मामले संदिग्ध होने पर तैयार रहें।”
गौरतलब है कि भारत में अभी तक कोरोना वायरस के कुल 28 केस सामने आए हैं, इनमें 15 केस उन व्यक्तियों के हैं जो इटली से भारत घूमने आए थे। इन सभी की जांच की जा रही है और ITBP के सेंटर में इन्हें ले जाया गया है जहां पर कोरोना वायरस को लेकर कैंप बनाया गया है। दिल्ली में हुआ पहला कोरोना वायरस केस को संपर्क ट्रेसिंग का संचालन करने पर पता चला कि उसने अपने परिवार के 6 सदस्यों को संक्रमित किया है जो आगरा में हैं। सभी 6 सदस्यों की रिपोर्ट्स पॉजिटिव आयी हैं ।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा 21 में से 14 इतालवी नागरिकों में कोरोनोवायरस पॉजिटिव पाया गया है । उन्हें छावला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) संग रोध सुविधा में भेजा गया है। यदि ईरान सरकार हमारे प्रयासों का समर्थन करती है, तो हमारा इरादा वहां एक परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने का भी है। यह हमें पूरी तरह से स्क्रीनिंग के बाद ईरान से हमारे नागरिकों को वापस लाने देगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन: हमने अपने हवाई अड्डों पर लगभग 5,89,000, मामूली और प्रमुख समुद्री क्षेत्रों में 15,000 से अधिक और मंगलवार तक नेपाल की सीमा पर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गयी है।


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