विदेश मंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान कहा - भारत ने यूक्रेन पर सही रूख अपनाया - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

विदेश मंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान कहा – भारत ने यूक्रेन पर सही रूख अपनाया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष पर सही रूख अपनाया है और कहा कि यह बहुत पेचीदा मसला है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष पर सही रूख अपनाया है और कहा कि यह बहुत पेचीदा मसला है जहां सबसे तात्कालिक मुद्दा युद्ध को बढ़ने से रोकना है।यूक्रेन युद्ध में भारत की रणनीति की तुलना महाभारत में भगवान कृष्ण की रणनीति से करते हुए मंत्री ने कहा कि कृष्ण ने युद्ध को रोकने के लिए जो भी उनके बस में था, उन्होंने वो सब कुछ किया, और यही दिल्ली का भी रूख है।यहां एक कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक और सामरिक हित दांव पर हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न ईंधन और खाद्यान्न की कमी के मद्देनजर भारत को अपने लोगों के हितों की रक्षा करनी है।जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत दक्षिण एशिया पर बहुत अधिक ध्यान दे रहा है और पड़ोसी देश इस क्षेत्र के एकीकरण में नेतृत्व करने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं।
जानिए और क्या कहा …. 
मंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘मोदी एट20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ पुस्तक पर एक चर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने श्रीलंका को उसके आर्थिक संकट में मदद की है।भाजपा के दो पूर्व प्रवक्ताओं द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी से उठे विवाद पर जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की छवि बदलने और खाड़ी देशों के साथ जुड़ाव और संबंधों पर बहुत ध्यान दिया है और कई देशों ने भारत के तर्क को स्वीकार किया है।उन्होंने कहा कि कई देशों ने इस टिप्पणी का मसला उठाया और कई देशों ने राजदूतों को बुलाकर यह मुद्दा उठाया। जयशंकर ने कहा , “ हमने कहा है कि जो कहा गया है वह पार्टी के विचारों को नहीं दर्शाता है” और राजदूतों ने भी यही रेखांकित किया और ‘मेरे ख्याल से उन्होंने इस स्वीकार किया है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

three + four =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।