वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- समुद्री रास्ते से भारी मात्रा में हो रही मादक पदार्थों की तस्करी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि हेरोइन, कोकीन और हशीश जैसे मादक पदार्थों का एक बड़ा हिस्सा समुद्री रास्ते से तस्करी कर देश में लाया जा रहा है।

तस्करी को लेकर देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने औपचारिक रूप से कहा कि हेरोइन, कोकिन और हशीश जैसे बड़े मादक पदार्थ का बड़ा हिस्सा समुद्री रास्ते से अवैध रूप से तस्करी करके बड़ी मात्रा में देश में लाया जाता है। 
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मंत्री ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, समुद्री मार्ग से तस्करी किए जाने वाले मुख्य मादक पदार्थों में हेरोइन, कोकीन, हशीश और एम्फ़ैटेमिन आदि शामिल हैं। सीतारमण ने कहा, ‘‘समुद्री रास्ते से तस्करी किए जाने वाले इन मादक पदार्थों की तुलना में इनकी कुल जब्ती का प्रतिशत खासा महत्वपूर्ण है…।’’ चालू वर्ष में 30 नवंबर तक जब्त की गई 3,017 किलोग्राम हेरोइन में से 55 प्रतिशत या 1,664 किलोग्राम समुद्री मार्ग से लाया जा रहा था। जब्त किए गए 122 किलो कोकीन में से 84 प्रतिशत या 103 किलो भी समुद्री मार्ग से लाया जा रहा था। सीतारमण ने कहा कि विभिन्न केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां और राज्य पुलिस विभाग भारत में मादक पदार्थों की तस्करी की निगरानी और नियंत्रण करते हैं। विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय के लिए गृह मंत्रालय द्वारा एक नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) स्थापित किया गया है। मादक पदार्थों की तस्करी के खतरे को नियंत्रित करने के लिए 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से प्रत्येक में एक समर्पित कार्यबल की स्थापना की गई है।
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सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के तत्वावधान में स्थापित बहु-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह (एमएएमएसजी) समुद्री मार्गों से होने वाली ऐसी तस्करी पर भी नजर रखता है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में सकल कर राजस्व और जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) अनुपात बढ़कर 11.43 प्रतिशत हो गया, जो वित्त वर्ष 2020-21 में 10.25 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में सकल कर राजस्व 27.1 लाख करोड़ रुपये था, जबकि सकल घरेलू उत्पाद 237 लाख करोड़ रुपये था। सकल कर राजस्व और सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात 11.43 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2020-21 में सकल कर राजस्व 20.3 लाख करोड़ रुपये और जीडीपी 198 लाख करोड़ रुपये था। कर और जीडीपी का अनुपात 10.25 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2019-20 में, सकल कर राजस्व और सकल घरेलू उत्पाद क्रमशः 20.1 लाख करोड़ रुपये और 201 लाख करोड़ रुपये था। कर एवं जीडीपी का अनुपात 10 प्रतिशत था।

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