भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत ने हमेशा अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर सिखों और हिंदुओं को बहुत मजबूत समर्थन प्रदान किया है। भारत पिछले सप्ताह दुशांबे से 78 लोगों को वापस लाया था। इनमें 25 भारतीय नागरिक थे जबकि कई अफगान सिख और हिंदू थे। इससे एक दिन पहले उन्हें तालिबान के नियंत्रण वाले काबुल से निकालकर ताजिक शहर ले जाया गया था।
भारत ने 16 अगस्त को अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालना शुरू किया था। तब से लेकर मंगलवार तक 800 से अधिक लोगों को दिल्ली ले जाया चुका है। गत सोमवार को भारतीय वायु सेना के एक सैन्य परिवहन विमान से सिखों के एक समूह को, उनके पवित्र ग्रंथ ‘गुरू ग्रंथ साहिब’ की 3 प्रतियों के साथ काबुल से दुशांबे ले जाया गया था। फिर उन्हें वहां से भारत ले जाया गया। 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर नियंत्रण कर लिया था। भारत ने अमेरिका और कई अन्य मित्र देशों के साथ निकासी मिशन को अंजाम दिया।
श्रृंगला ने सोमवार को अफगानिस्तान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान 15 देशों की परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ”महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों सहित सभी के मानवाधिकारों को बरकरार रखने के महत्व को रेखांकित किया गया।” इसके बाद श्रृंगला ने पत्रकारों से कहा, ”भारत ने हमेशा अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से सिख और हिंदू अल्पसंख्यक समुदायों को एक बहुत मजबूत समर्थन प्रदान किया है।”


Download Android App
Download iOS App



