दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी से सरकारी गवाह बने राजीव सक्सेना की जमानत रद्द किए जाने का अनुरोध करने वाली प्रवर्तन निदेशालय की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने ईडी की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की कि सक्सेना ने अभी गवाह के रूप में अदालत के समक्ष गवाही नहीं दी है और इसलिए, उसकी जमानत रद्द करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
अदालत ने सक्सेना का ‘सरकारी गवाह’ का दर्जा रद्द करने से पांच मार्च को इनकार कर दिया था और कहा था कि उसे ईडी के आरोपों के खिलाफ स्वयं का बचाव करने का अवसर दिया जाना चाहिए। ईडी ने आरोप लगाया था कि सक्सेना ने माफी की शर्तों का उल्लंघन किया है।
एजेंसी ने अदालत को बताया था कि सक्सेना ने सूचना छुपाई और जांच के दौरान पूरी बात नहीं बताई। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि सक्सेना ने जांच के दौरान उसे गुमराह किया।
ईडी ने कहा था कि सक्सेना को करीब 25 बार बुलाया गया लेकिन वह तुच्छ कारणों का हवाला देकर जांच में शामिल नहीं हुए।
अदालत ने सक्सेना को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी। उसने इस शर्त पर माफी की उसकी याचिका भी स्वीकार कर ली थी कि वह मामले की सारी जानकारी का खुलासा करेगा।
दुबई की दो फर्मों यूएचवाई सक्सेना एवं मैट्रिक्स होल्डिंग्स के निदेशक सक्सेना का नाम 3,600 करोड़ रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में शामिल था। दुबई से इस कारोबारी को 31 जनवरी को भारत प्रत्यर्पित किया गया था।


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