नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने घूसखोरी मामले में डीजीसीए अधिकारी मुदावत देवुला समेत दो आरोपियों को 6 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। सीबीआई ने 18 अप्रैल को दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मौके से 2.5 लाख रुपए बरामद किए गए थे।
सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद डीजीसीए अधिकारी मुदावत देवुला और प्राइवेट कंपनी के अधिकारी भरत माथुर को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को 6 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले, अदालत ने दोनों आरोपियों की सीबीआई हिरासत दो दिन बढ़ाई थी।
मुदावत देवुला और भरत माथुर पर आरोप है कि ड्रोन इम्पोर्ट की परमिशन दिलाने के बदले 2.5 लाख रुपए की रिश्वत ली गई। सीबीआई ने इनके घरों और दफ्तरों पर छापे मारे तो 37 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के सिक्के, और कई डिजिटल डिवाइस भी मिले।
मुदावत देवुला डीजीसीए के एयरवर्थनेस डायरेक्टरेट में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के पद पर काम करते थे। देवुला का काम यह तय करना होता है कि कोई विमान या ड्रोन उड़ान के लिए सुरक्षित है या नहीं। दूसरे गिरफ्तार शख्स भरत माथुर एक बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट है और एक एयरोस्पेस कंपनी से भी जुड़ा हुआ है जो ड्रोन आयात के कारोबार में शामिल है।
सीबीआई के अनुसार, मुदावत देवुला अपने सरकारी पद का फायदा उठाकर प्राइवेट कंपनियों से पैसे मांगते थे। एक प्राइवेट एयरोस्पेस कंपनी के ड्रोन आयात से जुड़े कई आवेदन डीजीसीए में लंबे समय से अटके पड़े थे। इन आवेदनों पर मंजूरी और अनुमति दिलाने के बदले रिश्वत मांगी गई। भरत माथुर उस प्राइवेट कंपनी की तरफ से बिचौलिए की भूमिका में था। उसने डीजीसीए अधिकारी और प्राइवेट कंपनी के बीच रिश्वत की यह डील कराई। एजेंसी ने 18 अप्रैल को इन दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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