Delhi: नागरिक समस्याओं पर एमसीडी का ‘एक्शन मोड’, 30 दिन में निवारण अनिवार्य, सबूत के तौर पर देनी होगी रिपोर्ट

Summary :

MCD on Civic Issues: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नागरिक शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब सीएम जन सुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को न तो औपचारिकता के तौर पर निपटाया जाएगा और न ही लंबित रखा जाएगा। हर शिकायत पर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जिम्मेदार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जारी आदेश में कहा गया है कि जन सुनवाई पोर्टल पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन हाल के समय में यह देखा गया कि कई शिकायतों का निस्तारण या तो बिना सही जांच…

MCD on Civic Issues: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नागरिक शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब सीएम जन सुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को न तो औपचारिकता के तौर पर निपटाया जाएगा और न ही लंबित रखा जाएगा। हर शिकायत पर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जिम्मेदार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जारी आदेश में कहा गया है कि जन सुनवाई पोर्टल पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन हाल के समय में यह देखा गया कि कई शिकायतों का निस्तारण या तो बिना सही जांच के कर दिया गया या फिर सामान्य और दोहराए जाने वाले जवाब देकर फाइल बंद कर दी गई। कई मामलों में तय समय सीमा के बाद भी शिकायतें लंबित रहीं, जिससे आम लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ।

30 दिन की समय सीमा और साक्ष्यों के साथ जवाब अनिवार्य

इसी को देखते हुए आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि हर शिकायत का निस्तारण 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके लिए मामलों की नियमित मॉनिटरिंग होगी और समय सीमा के करीब पहुंच रहे मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि अब शिकायतों के जवाब औपचारिक या सामान्य नहीं होंगे, बल्कि स्पष्ट, तथ्यात्मक और शिकायत के मुद्दे को सीधे संबोधित करने वाले होने चाहिए। जहां जरूरी हो, वहां कार्रवाई के प्रमाण के रूप में फोटो, दस्तावेज और एक्शन टेकन रिपोर्ट भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। टेम्पलेट या घिसे-पिटे जवाब देने पर सख्ती बरती जाएगी।

अधिकारियों की जवाबदेही तय

निगम स्तर पर रोजाना लंबित शिकायतों की समीक्षा होगी, जबकि साप्ताहिक बैठकों के जरिए कामकाज की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। दोबारा खोली गई शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनकी दोबारा जांच करने और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को नागरिकों से सीधे संपर्क कर समस्या समझने और पहली बार में ही समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि मामलों के बार-बार आगे बढ़ने की नौबत न आए। कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही, देरी या गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के साथ एमसीडी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत सुनवाई होगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।