भारत ने कल 5000 किलोमीटर दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम अग्नि-5 न्यूक्लियर कैपेबल मिसाइल का सफल रात्रि परीक्षण किया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, मिसाइल पर नई तकनीकों और उपकरणों के साथ परीक्षण किया किया गया है। इस परीक्षण ने साबित किया है कि जरुरत पड़ने पर अग्नि-5 मिसाइल की रेंज को बढ़ाया जा सकता है।
डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन ने अग्नि-5 को विकसित किया है। इसका परीक्षण अब्दुल कलाम द्वीप पर किया गया। परीक्षण से पहले अधिकारियों ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बंगाल की खाड़ी में नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया था।
अग्नि-5 मिसाइल
अग्नि-5 मिसाइल की मारक क्षमता 5500 किलोमीटर है। भारत लंबे समय से अग्नि-5 के परीक्षण की योजना बना रहा था, क्योंकि यह भारत में विकसित मध्यम और लंबी दूरी की परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों की सीरीज में पांचवीं मिसाइल है। इस मिसाइल का पहली बार परीक्षण 2012 में किया गया था, इसके बाद साल 2013, 2015, 2016, 2018 और 2021 में परीक्षण हुआ। इस मिसाइल को पनडुब्बी के जरिए भी लॉन्च किया जा सकता है।
अग्नि-5 मिसाइल का महत्व
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये मिसाइल अपने साथ न्यूक्लियर वॉर हेड ले जाने की क्षमता रखती है। इसकी महत्व को ध्यान में रखते हुए परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण मल्टी सैटेलाइट लॉन्च के साथ किया गया था। अब तक इसका कोई भी लाइव लॉन्च नहीं किया गया है।c


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