Jammu Kashmir: जम्मू के बाहरी इलाके में एक गांव में कथित तौर पर एक मंदिर में तोड़फोड़ की गई जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
इस मामले में पुलिस ने बताया कि मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे व्यक्ति ने दावा किया है कि उसने मंदिर में समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा किए जा रहे काले जादू से परेशान होकर शनिवार रात को इस घटना को अंजाम दिया। जम्मू (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बृजेश शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि स्थानीय निवासी अर्जुन शर्मा ने ‘मजिस्ट्रेट’ के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली जिससे घटना के कुछ ही घंटों के भीतर ही मामला सुलझ गया। एसपी ने कहा कि आरोपी की समय पर गिरफ्तारी से इस मुद्दे पर संभावित विवाद टल गया है।
मूर्तियों को किया गया अपवित्र
पुलिस अधीक्षक शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद नगरोटा पुलिस थाने में संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार शनिवार देर रात नारायण खो इलाके में स्थित मंदिर में अज्ञात लोगों ने कुछ मूर्तियों को अपवित्र कर दिया। अधिकारी ने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) और अपराध शाखा की टीम खोजी कुत्तों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और जांच तथा क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया।
आरोपी ने इस घटना को अकेले दिया अंजाम
एसपी ने बताया कि अर्जुन शर्मा ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है और अर्जुन ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया। आरोपी ने दावा किया है कि वह वहां कुछ सदस्यों द्वारा किए जा रहे काले जादू से परेशान था। एसपी ने कहा कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और जांच पूरी होने पर आगे की जानकारी सामने आएगी। बता दें कि एसपी ने लोगों से अपील की कि वे पुलिस का पक्ष जाने बिना सोशल मीडिया पर ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।


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