आयुष मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एनआईसीई द्वारा विकसित कोविड-19 उपचार प्रोटोकॉल को मंजूरी दिये जाने संबंधी दावे को खारिज किया और इसे ”आधारहीन एवं भ्रामक” करार दिया। मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित एक समूह ‘नेटवर्क ऑफ इन्फ्लुऐंजा केयर एक्सपर्ट्स’ (एनआईसीई) ने कुछ दावे किये हैं और कुछ मीडिया मंचों द्वारा इसे प्रकाशित किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि आयुष मंत्रालय का हवाला देकर कोविड-19 उपचार प्रोटोकॉल संबंधी मंजूरी दिये जाने का दावा पूरी तरह गलत है। बयान में कहा गया है कि मंत्रलाय एनआईसी द्वारा किये गए इस तरह के दावों को सिरे से खारिज करता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एनआईसीई की ओर से कथित प्रोटोकॉल को लेकर उसे कोई आवेदन भी नहीं दिया गया है।


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