2022 के आखिरी ‘मन की बात’ में बोले मोदी : कोरोना से लेकर… G-20 तक जिक्र किया एक-एक कामयाबी का

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने, कोविड-19 रोधी टीकों की 220 करोड़ से अधिक खुराक देने और 400 खरब डॉलर के निर्यात के आंकड़े को छूने जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि वर्ष 2022 की इन विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान कायम किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने साल के आखिरी मन के बात कार्यक्रम में देश की जनता को संबोधिक करते हुए कहा कि भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इतना ही नहीं कोविड-19 टीकों की 220 करोड़ खुराक देने से विश्व में भारत ने अपनी परचम लहराया है। मोदी ने कहा कि 400 खरब डॉलर के निर्यात के आंकड़े को छूने जैसी उपलब्धियों का जिक्र भी किया साल के अंतिम रविवार पर स्पष्ट किया कि 2022 की सफलताओं से आज विश्व में भारत का डंका बजता है और पुतिन- बाइडन जैसे बड़े नेता मोदी के साथ खड़े हुए है। 
साल का आखिरी मन की बात में बोले पीएम नरेंद्र मोदी 
'G-20 का अध्यक्ष बनकर बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रहा है भारत', मन की बात में  बोले PM मोदी - PM Narendra Modi talking about G20 summit 2022 in Mann Ki  Baat ntc - AajTak
आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की 96वीं और इस वर्ष की अंतिम कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को जी-20 समूह की अध्यक्षता मिलने का उल्लेख किया और देशवासियों से इस आयोजन को एक ‘‘जन-आंदोलन’’ बनाने का आह्वान किया। मोदी ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 वाकई कई मायनों में बहुत ही प्रेरक व अद्भुत रहा। इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए और इसी वर्ष अमृतकाल का प्रारंभ हुआ। इस साल देश ने नयी रफ्तार पकड़ी।’’
मोदी ने गिनवाई 2022 की नए भारत की उपलब्धियां
पीएम मोदी ने कहा कि  ‘‘साल 2022 की विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान बनाया है। 2022 यानी भारत द्वारा दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मुकाम हासिल करना, भारत द्वारा 220 करोड़ कोविड-19 रोधी टीके देने के अविश्वसनीय आंकड़े को पार करना और भारत द्वारा निर्यात का 400 अरब डॉलर का जादुई आंकड़ा पार कर जाना।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में जन-जन ने ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ के संकल्प को अपनाया और देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष, ड्रोन, रक्षा और खेल की दुनिया सहित हर क्षेत्र में अपना दमखम दिखाया। भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साल 2023 में हमें जी-20 के उत्साह को नयी ऊंचाई पर ले जाना है। हमें इस आयोजन को एक जन-आंदोलन बनाना है।’’

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