प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की महिलाओं को नीति और नेतृत्व का प्रतिबिंब करार दिया और उनसे कुपोषण के खिलाफ तथा ‘‘वोकल फोर लोकल’’ जैसे सरकार के अभियानों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कच्छ के धोरदो गांव स्थित एक महिला संत शिविर में आयोजित संगोष्ठी को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जो राष्ट्र धरती को मां स्वरूप मानता हो, वहां महिलाओं की प्रगति राष्ट्र के सशक्तिकरण को हमेशा बल देती है।
नारी, नीति, निष्ठा, निर्णय शक्ति और नेतृत्व की प्रतिबिंब होती है
उन्होंने कहा, ‘‘आज देश की प्राथमिकता महिलाओं का जीवन बेहतर बनाने और भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की सम्पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने में है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘नारी, नीति, निष्ठा, निर्णय शक्ति और नेतृत्व की प्रतिबिंब होती है। इसलिए, हमारे वेदों ने, हमारी परंपरा ने ये आवाहन किया है कि नारियां सक्षम हों, समर्थ हों, और राष्ट्र को दिशा दें।’’ महिला सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में एक अभियान चलाने जा रही है, जिसके तहत बेटियों के स्कूल में दाखिले का उत्सव मनाया जाएगा।
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जो बाहर से चीजें लाकर गुजारा करता है, वह कुछ नहीं कर सकता है
आत्मनिर्भर अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में वही देश चल सकता है, जो अपने पैरों पर खड़ा हो।उन्होंने कहा, ‘‘जो बाहर से चीजें लाकर गुजारा करता है, वह कुछ नहीं कर सकता है। इसलिए वोकल फोर लोकल हमारी अर्थव्यवस्था से जुड़ा बहुत अहम विषय बन गया है। इसका महिला सशक्तिकरण से ही बहुत गहरा संबंध है क्योंकि ज्यादातर स्थानीय उत्पादों की ताकत महिलाओं के हाथों में होती है।”
कुपोषण के खिलाफ देश में जारी अभियान में भी महिलाएं बहुत बड़ी मदद कर सकती हैं
उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं से आह्वान किया कि वह इसके समर्थन में जागरूकता अभियान चलाएं और स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार कुपोषण के खिलाफ देश में जारी अभियान में भी महिलाएं बहुत बड़ी मदद कर सकती हैं। इस संगोष्ठी का आयोजन समाज में महिला संतों की भूमिका और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को पहचान देने के लिए किया गया था।
इसमें 500 से अधिक महिला संत शामिल थीं। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, साध्वी निरंजन ज्योति और भारती प्रवीण पवार भी उपस्थित थीं। इनके अलावा इस कार्यक्रम में साध्वी ऋतंभरा, महामंडलेश्वर कंकेश्वरी देवी सहित अन्य हस्तियों ने भी शिरकत की।


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