कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश में कई बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को ही खो दिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे बच्चों की जानकारियां अपने पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा था कि देशभर में 577 बच्चे अनाथ हो गए हैं।
एनसीपीसीआर ने यह निर्देश तब दिया है जब एक दिन पहले हाई कोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी जिला अधिकारियों को ‘कोविड केयर’ लिंक के तहत बाल स्वराज पोर्टल पर 24 घंटों के अंदर उन बच्चों की जानकारियां देने का आदेश दिया जिन्होंने कोरोना वायरस के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को ही खो दिया। बाल स्वराज जरूरतमंद बच्चों की देखभाल के लिए एनसीपीसीआर का एक ऑनलाइन पोर्टल है।
एनसीपीसीआर ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी प्रधान सचिवों को दिए पत्र में कहा, ‘‘कोविड-19 के मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए आयोग ने उन बच्चों का पता लगाने के लिए इस पोर्टल का इस्तेमाल बढ़ा दिया है जिन्होंने अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया और संबंधित अधिकारी/विभाग द्वारा ऐसे बच्चों की जानकारियां भरने के लिए इस पोर्टल पर ‘कोविड केयर’ के नाम से एक लिंक उपलब्ध कराया है।
एनसीपीसीआर ने कहा कि जानकारियां अपलोड करने और बाल देखभाल योजना तथा सामाजिक जांच रिपोर्ट के फॉर्म भरने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारियों की लॉगिन आईडी जारी कर दी गई हैं।


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