मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष ने किया वॉकआउट , क्या आज चलेगी लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही ?

Summary :

मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर संसद में एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया है। आपको बता दे कि विपक्षी नेताओं ने फिर मांग की है कि मणिपुर हिंसा पर संसद में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में चर्चा हो।

मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर संसद में एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया है। आपको बता दे कि विपक्षी नेताओं ने फिर मांग की है कि मणिपुर हिंसा पर संसद में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में चर्चा हो। 
विपक्षी पार्टियों का लोकसभा , राज्यसभा से वॉकआउट 
वही ,सत्तारूढ़ दल का कहना है कि वह मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्षी दलों ने अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में मणिपुर के मुद्दे पर लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है। इसके चलते लोकसभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 
वहीं, इंडिया गठबंधन से जुड़ी विपक्षी पार्टियों ने गुरुवार को राज्यसभा से वॉकआउट किया। यह लगातार तीसरा दिन है जब इंडिया गठबंधन से जुड़ी विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया है।
विपक्ष ने सदन में जबरदस्त नारेबाजी की
सदन से वॉकआउट करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, आम आदमी पार्टी, शिवसेना यूबीटी समेत कई दल शामिल थे। सभी विपक्षी दल मणिपुर हिंसा पर सदन में विस्तार से चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर विपक्षी दलों ने अपनी मांग एक बार फिर दोहराई। विपक्ष ने सदन में जबरदस्त नारेबाजी की। 
मणिपुर पर विस्तार से चर्चा कराई जाए – विपक्ष
वही , इस दौरान मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग करते रहे। विपक्ष का कहना था कि सदन में नियम 261 के अंतर्गत मणिपुर पर विस्तार से चर्चा कराई जाए। विपक्ष द्वारा किए जा रहे हंगामे के बीच राज्यसभा में सिनेमैटोग्राफी संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू की गई।
खड़गे ने एक बार फिर मणिपुर मामले का किया जिक्र 
आपको बता कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह इस बिल के बारे में बात करना चाहते हैं। इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर मणिपुर मामले का जिक्र किया। इसके उपरांत सदन में विपक्ष के सांसदों ने राज्यसभा में मणिपुर पर चर्चा कराए जाने को लेकर नारेबाजी तेज कर दी।
नियम 267 के अंतर्गत मणिपुर हिंसा पर चर्चा कराए जाने की अनुमति न मिलने पर नारेबाजी कर रहे विपक्ष के सांसदों ने सदन से बाहर जाने का फैसला किया। संसद में गुरुवार को विपक्ष के सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे थे।
कल काले कपड़े पहनकर आने वालों का आज और भविष्य भी काला – पीयूष गोयल
सदन में काले कपड़े पहनकर आने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि काले कपड़े पहनने वाले लोगों को दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत का अंदाजा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘कल काले कपड़े पहनकर आने वालों का आज और भविष्य भी काला है।’ इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी की मौजूदगी में चर्चा हो और पीएम मोदी खुद इस पर जवाब दें।

Shera Rajput