प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार कृषि क्षेत्र और किसान कल्याण के लिए सालाना 6.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।मोदी ने चुनावी गारंटियों को लेकर प्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है।
प्रधानमंत्री ने “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस” पर आयोजित ‘भारतीय सहकारिता कांग्रेस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारी समितियों से राजनीति के बजाय सामाजिक और राष्ट्रीय नीतियों का वाहक बनने के लिए कहा।उन्होंने समितियों से पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का मॉडल बनने और व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों को अपनाने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने देश को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के लिए सहकारी समितियों से योगदान करने की अपील भी की।
प्रति वर्ष औसतन लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है
मोदी ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।मोदी ने कहा कि सरकार ने अन्य देशों की तुलना में सस्ती दरों पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की है, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बड़ी मात्रा में अनाज खरीदा है और पीएम-किसान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया है।उन्होंने कहा कि सरकार कृषि और किसानों पर प्रति वर्ष औसतन लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार सुनिश्चित कर रही है कि देश में प्रत्येक किसान को प्रति वर्ष किसी न किसी तरह से लगभग 50,000 रुपये मिले। इसका मतलब है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के अंतर्गत इस बात की गारंटी है कि प्रत्येक किसानों को विभिन्न माध्यमों से 50,000 रुपये मिल रहे हैं।”प्रधानमंत्री ने कहा ” ये मोदी की गारंटी है और मैने जो किया है वो बता रहा हूं, वादे नहीं बता रहा हूं। ”
किसानों को उचित कीमत पर फसल पोषक तत्व मिले
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करके उन्हें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले साल उर्वरक सब्सिडी पर 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए और विश्व में बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उचित कीमत पर फसल पोषक तत्व मिले। उन्होंने कहा ”इससे बड़ी गारंटी क्या होती है भाई।”मोदी ने उल्लेख किया कि किसानों को यूरिया का एक बैग 270 रुपये का मिल रहा है और यह मूल्य बांग्लादेश (720 रुपये), पाकिस्तान ,चीन और अमेरिका से कहीं कम है।


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