प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रचनात्मक सोच और दीर्घकालीन दृष्टिकोण अपनाकर हम पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में दूर-दराज इलाकों के गांव भी अब पर्यटन के नक्शे पर आ गए हैं। ‘पर्यटन का मिशन मोड में विकास’’ विषय पर आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने पर्यटन स्थलों पर बहुभाषी सूचना बोर्ड लगाने की जरूरत रेखांकित की। इसके अलावा उन्होंने ऐसे ऐप विकसित करने पर जोर दिया, जिनमें देश की विभिन्न भाषाओं में सूचना दी गई हो। प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे इस साल का बजट पर्यटन मंत्रालय का सहयोग करेगा और युवाओं के लिए कई आर्थिक अवसर पैदा करेगा।

पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है
उन्होंने कहा, “यह वेबिनार पर्यटन क्षेत्र में बदलाव के लिए है, और जब सभी संबंधित लोग साथ आते हैं तो हमें अपना मनचाहा परिणाम तय समय के अंदर मिल जाता है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लीक से हटकर सोच और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक स्थलों की वजह से पर्यटन क्षेत्र में भारी उछाल आया है और पिछले साल सात करोड़ लोग काशी विश्वनाथ मंदिर गए।
सिर्फ उच्च आयवर्ग के लोगों के लिए है
मोदी ने कहा, “कुछ लोग सोचते हैं कि पर्यटन एक काल्पनिक शब्द है, जो सिर्फ उच्च आयवर्ग के लोगों के लिए है। लेकिन भारत में, इसका लंबा सामाजिक-सांस्कृतिक अर्थ है।” यह वेबिनार सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे 12 बजट-पश्चात वेबिनारों का एक हिस्सा है। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य आम बजट में घोषित की गई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न सुझाव और परामर्श लेना है।


Download Android App
Download iOS App



