आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने “मन की बात” के सिलसिले को बरकार रखा। जिसमें वो सीधे देशवासियों के साथ बात करके उन्हें सम्बोधित करते हैं। साथ ही देश में हो रही गतिविधियों को लेकर चर्चा करते हैं। ये एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके ज़रिये पीएम मोदी देश वासियों के साथ जुड़कर कई मुद्दों पर बात करते हैं। प्रधानमंत्री की मन की बात सबसे ज़्यादा कोरोना काल में लोगो के लिए राहत की तरह काम कर रही थी, जब पीएम मोदी के सम्बोधन से पूरा देश कोरोना जैसे खभयानक हालातों में भी लोग से लड़ने के लिए अपनी पूर्ण सहयोगिता दिखा रहे थे।
प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंता हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार के दिन देश के सम्बोधन में मन की बात करते हैं, आंकड़ा 103 हो चुका है जब पीएम ने अपने ‘मन की बात’ के ज़रिये लोगों से जुड़कर उन्हें सांतवा दी। इस बार मन की बात के ज़रिये पीएम मोदी ने देश के बिगड़ते हालातों के वजह से लोगों से अपील की है की वो पेड़ लगाएं और जल का संरक्षण करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मॉनसून के मौसम का का ज़िक्र करते हुए प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंता जताई। इस बार प्रधानमंत्री ने ज़्यादातर सावन के महीने का ज़िक्र किया। जिसमें उन्होंने पर्यावरण से जुड़े कई घटकों को अपनी “मन की बात” का हिस्सा बनाया।
पीएम मोदी ने इन बातों पर दिया ज्यादा ध्यान
पीएम मोदी ने कहा की बारिश का मौसम वृक्षारोपण के लिए भी काफी सही है, और इस बार अमृतकाल मोहत्सव में 60 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों की रौनक बढ़ेगी। उन्होंने कहा की 50 हज़ार से ज़्यादा अमृत सरोवरों का निर्माण अभी प्रगति पर है। देवशवासियों का सम्बोधन करते हुए उन्होंने कहा की भारत वासी पूरी जागरूकता और ज़िम्मेदारी के साथ जलसंरक्षण का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा की हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की आवश्यकता है।


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