राहुल गांधी ने स्वर्ण मंदिर में माथा टेका, लंगर हॉल में सेवा करते आए नजर, देखें VIDEO

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद ‘सेवा’ की। सेवा के एक हिस्से के रूप में कांग्रेस नेता को स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोते देखा गया। इससे पहले आज पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने कहा कि राहुल गांधी अपनी निजी, आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। राहुल गांधी जी सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने के लिए अमृतसर साहिब आ रहे हैं। यह उनकी व्यक्तिगत, आध्यात्मिक यात्रा है, आइए उनकी गोपनीयता का सम्मान करें। सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वे इस यात्रा के लिए शारीरिक रूप से उपस्थित न…

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद ‘सेवा’ की। सेवा के एक हिस्से के रूप में कांग्रेस नेता को स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोते देखा गया। इससे पहले आज पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने कहा कि राहुल गांधी अपनी निजी, आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। राहुल गांधी जी सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने के लिए अमृतसर साहिब आ रहे हैं। यह उनकी व्यक्तिगत, आध्यात्मिक यात्रा है, आइए उनकी गोपनीयता का सम्मान करें। सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वे इस यात्रा के लिए शारीरिक रूप से उपस्थित न हों।

 

 

सुखपाल सिंह खैरा की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी का ये पहला दौरा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा 2015 के ड्रग्स मामले में ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ के तहत कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की गिरफ्तारी के बाद हो रहा है। पंजाब की एक अदालत ने शनिवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को 2015 के ड्रग्स मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वकील ने कहा, “पुलिस ने 7 दिन की रिमांड की मांग की। पुलिस के सबूत देखने के बाद न्यायाधीश ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया। अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पंजाब में कांग्रेस और आप आमने-सामने

कांग्रेस विधायक खैरा को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम के तहत 2015 में दर्ज एक पुराने मामले के सिलसिले में 28 सितंबर को उनके चंडीगढ़ आवास से गिरफ्तार किया गया था। खैरा की गिरफ्तारी को लेकर सीमावर्ती राज्य में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच टकराव हो गया है। कांग्रेस जहां इसे आप की प्रतिशोध की राजनीति बता रही है, वहीं सत्ताधारी पार्टी इस घटनाक्रम को नशे के खिलाफ उनकी ‘जीरो-टॉलरेंस नीति’ का हिस्सा बता रही है।

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