उत्तर भारत में कई जगह बारिश, बिजली गिरने से 20 लोगों की मौत, दिल्ली में मानसून का इंतजार जारी

उत्तर भारत में जहां रविवार को कई स्थानों पर बारिश हुई, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हो गई। दूसरी तरफ, दिल्ली में मानसून का इंतजार जारी रहा।

उत्तर भारत में जहां रविवार को कई स्थानों पर बारिश हुई, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हो गई। दूसरी तरफ, दिल्ली में मानसून का इंतजार जारी रहा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि उत्तर भारत के कई स्थानों पर सोमवार सुबह तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान के कई हिस्सों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में सात बच्चों सहित 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हो गए। बिजली गिरने से 10 बकरियों सहित 13 जानवरों की भी मौत हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से दो किशोरों सहित दस लोगों की भी मौत हो गई।
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के चलते एक गांव में मकान ढह जाने से आठ वर्षीय बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।
केरल में दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई। मौसम विभाग ने पांच उत्तरी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
आईएमडी ने केरल और गुजरात के मछुआरों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी करते हुए उन्हें अगले दो दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।
आईएमडी ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून को दिल्ली सहित उत्तर भारत में 10 जुलाई तक दस्तक देना था, लेकिन रविवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि दिल्ली के ऊपर मॉनसून के सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां हैं, क्योंकि पूर्वी हवाओं की वजह से हवा में आर्द्रता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से भी मॉनसून को गति मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम रविवार को हल्की बारिश और सोमवार को अच्छी बारिश होने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
मानसून के इंतजार के बीच मध्य दिल्ली देश का ऐसा जिला है, जहां सबसे कम वर्षा हुई है। मध्य दिल्ली में एक जून से लेकर अब तक केवल 8.5 मिलीमीटर बारिश हुई है जोकि सामान्य 125.1 मिमी से 93 प्रतिशत कम है। दिल्ली में अब तक मॉनसून के दौरान होने वाली सामान्य बारिश से 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
आईएमडी के ताजा वक्तव्य के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इस मौसम में कई बार ऐसा हुआ है जब दिल्ली में मॉनसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग की ओर से की गयी भविष्यवाणी गलत साबित हुई है।
आईएमडी के उत्तर भारत के लिए मानसून के पूर्वानुमान के सही न होने के पीछे ‘मॉडल्स’ द्वारा भेजे गए गलत सिग्नल, पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के बीच संपर्क के नतीजों का अनुमान लगाने में मुश्किल आदि कुछ प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र को गर्मी से राहत न मिलने पर इन वजहों की ओर इशारा किया है।
दक्षिण पश्चिम मानसून देश के लगभग सभी हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन उत्तर भारत में अभी तक उसने दस्तक नहीं दी है। दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और पश्चिमी राजस्थान में अभी तक मानसून नहीं आया है। आईएमडी ने एक महीने पहले पूर्वानुमान जताया था कि मानसून जून तक इन हिस्सों में पहुंच जाएगा लेकिन उसकी भविष्यवाणी अभी तक सही साबित नहीं हुई है।

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