G20 समूह का नेतृत्व भारत कर रहा है। वे योजना बनाने और बैठकों की मेजबानी करने का वास्तव में अच्छा काम कर रहे हैं। अन्य देशों के लिए भी ऐसा करना कठिन होगा। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व राजनयिक हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में विकसित और विकासशील देशों के समूह जी20 अपनी अध्यक्षता में बैठकों के आयोजन का जो कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। उसकी बराबरी करना अन्य देशों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
अगले देशों को थोड़ मुसीबत होने वाली है
एक टीवी समाचार चैनल द्वारा जी-20 शिखर बैठक को लेकर आयोजित दिन भर की परिचर्चाओं के एक सत्र में आवास और शहरी मामलों के मंत्री पुरी ने कहा कि जी20 के आयोजन में ‘जो कीर्तिमान भारत ने स्थापित किया है, इससे अन्य देशों के लिए चुनौती रहेगी। भारत ने जो आयोजन कराए हैं वैसा करने में अगले देशों को थोड़ मुसीबत होने वाली है।
देश के विभिन्न भागों हुई हैं
उल्लेखनीय है कि भारत ने 9-10 सितंबर को राजधानी में होने वाली जी20 शिखर बैठक से पहले विभिन्न विषयों पर 60 से अधिक बैठकें रखी गयीं। ये बैठकें जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक देश के विभिन्न भागों हुई हैं। व्यापार और निवेश पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक अगले सप्ताह जयपुर में होने जा रही है। इससे पहले वहीं इस विषय पर जी20 कार्यसमूह की दो दिन की बैठक भी होगी।
सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचता है
पुरी ने बातचीत के दौरान अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों के बारे में बात की। उनसे जब पूछा गया कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम चुनाव के समय पर ही क्यों गिर जाते हैं तो उनका जवाब था कि इन चीजों के दाम अंतरराष्ट्रीय कीमतों, परिवहन और बीमा,परिशोधन की लागत, परिशोधनमार्जिन और करों की दरों से तय होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में अगर दुनियाभर में दाम बढ़गे तो सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचता है।’’


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