G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से बचाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने जा रहा है। विदेश मंत्री का कहना है कि मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करने की है कि अर्थव्यवस्था सुरक्षित रहे। भारत की एक साल की जी20 की अध्यक्षता पर यहां अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने उपभोक्ताओं को पेट्रोल मूल्य वृद्धि से यथासंभव राहत देने की कोशिश की है तथा महंगाई कम करने के कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया यह सबक सीख गयी है कि सुरक्षा का मतलब केवल भौतिक सुरक्षा नहीं, ना ही केवल आर्थिक सुरक्षा है। इसका अर्थ स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा भी है। इसलिए, हमें आज वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से बचाने के तरीके खोजने होंगे।’’

पूरी दुनिया पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाला है
जयशंकर ने कहा कि इस साल जी20 के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के सम्मेलनों के अलावा 15 मंत्री स्तरीय बैठकें भी होंगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने आज पूरी दुनिया पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाला है और इस तरह की नाराजगी की भावना है कि विकसित देशों ने महामारी के दौरान खुद के बारे में ही सोचा। जयशंकर ने कहा कि भारत को छोड़कर कुछ ही देशों ने बाकी दुनिया के बारे में सोचा।


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