गांधी परिवार अपनाएगा RSS मॉडल, बिना चेहरा बने कांग्रेस पर रखेगा पूरा कंट्रोल

Summary :

कांग्रेस में सालों बाद अध्यक्ष पद का चुनाव होने वाला है। सभी को इंतज़ार है कि आखिरकार कौन पार्टी का नया अध्यक्ष बनेगा।

कांग्रेस में सालों बाद अध्यक्ष पद का चुनाव होने वाला है। सभी को इंतज़ार है कि आखिरकार कौन पार्टी का नया अध्यक्ष बनेगा। क्योंकि, 1998 के बाद से ही सोनिया गांधी पार्टी की अध्यक्ष रही हैं और बीच में राहुल गांधी को भी कमान मिली थी, लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद राहुल ने इस्तीफा दे दिया था। 
इसी के बाद सोनिया अंतरिम अध्यक्ष बनी थी। अब पार्टी के कई नेताओं द्वारा नए अध्यक्ष की मांग होने के बाद सोनिया ने चुनाव कराने का फैसला लिया है। चुनाव के लिए अशोक गहलोत और शशि थरूर का नाम सबसे अधिक सामने आ रहा है। पार्टी के एक हिस्से का मानना है की गहलोत ही नए अध्यक्ष बनेंगे। क्योंकि वो पार्टी के पुराने नेता है और उनके गांधी परिवार से अच्छे रिश्ते है। 
गहलोत से कांग्रेस को मिलेंगे कई फायदे 
हालांकि, खबरों की माने तो पार्टी का अध्यक्ष कोई भी क्यों ना बन जाए, लेकिन, कमान तो पार्टी आलाकमान के हाथ में ही रहने वाली है। या यह कहे कि सोनिया और राहुल अब बैकसीट पर बैठकर सारे फैसले लेंगे। कहा जा रहा कि कांग्रेस ने ये सीख आरएसएस से ली है, जिस तरह से संघ  पीछे से ही बीजेपी पार्टी को मैनेज करने की कोशिश करता रहा है। वैसा ही कुछ अब कांग्रेस भी करने वाली है। 
हम आपको बता दे, गहलोत के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस को कई फायदे है। उसपर से परिवारवाद का टैग हैट जाएगा। साथ ही गहलोत से सोनिया और राहुल के रिश्ते अच्छे है, जिस वजह से कल को गहलोत उनकी बात भी नहीं टाल सकते है। गहलोत की उत्तर भारत यानी हिंदी भाषा इलाकों में पकड़ मजबूत है, जिसका लाभ भविष्य के चुनावों में पार्टी को होगा।  

Desk Team