वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद यादव ने गुरुवार को राज्य सभा में कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाने की जरूरत है और इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
वायु प्रदूषण से स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाने के प्रयास
श्री यादव ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वायु प्रदूषण के लिए बहुत सारे कारक जिम्मेदार हैं। इनमें कुछ स्थानीय स्तर पर ही सृजित होते हैं और उनका निपटान स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण से स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश के 132 शहरों में वायु प्रदूषण मानक यंत्र स्थापित किये गये हैं जिनमें 12 कारकों के आधार पर वायु प्रदूषण का स्तर तय किया जाता है।
स्थानीय नगर निकायों और सांसदों को भी आमंत्रित
उन्होंने कहा कि सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्यों के साथ विचार-विमर्श शुरू किया है। इस क्रम में राज्यों के संबंधित मंत्रियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया है। सरकार इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें बुलाने की प्रक्रिया चल रही है जिसमें स्थानीय नगर निकायों और सांसदों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
प्रदूषण के मानक में बदलाव की जरूरत
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत में विश्व की 17 प्रतिशत आबादी निवास करती है लेकिन कार्बन उत्सर्जन में प्रति व्यक्ति हिस्सेदारी भारत में न्यूनतम है। इसका प्रमुख कारण भारतीय जीवन शैली है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने प्रदूषण के मानक अपने अनुसार तय किये हैं जिनमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हाल में ग्लासगो में हुई जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक बैठक में भारत ने विकासशील देशों का नेतृत्व किया था।


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