केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने औपाचरिक रूप से स्पष्ट किया कि देश में अवैध खनन पर व्यापक तौर से रोक लगाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में ‘ड्रोन प्रौद्योगिकी’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने चेन्नई के थालंबूर स्थित अग्नि कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी में ड्रोन विनिर्माण से जुड़े स्टार्टअप गरुड़ एयरोस्पेस द्वारा आयोजित पहले ‘ड्रोन कौशल एवं प्रशिक्षण सम्मेलन’ के उद्घाटन के मौके पर कहा, ”भारत दुनिया का वैश्विक ‘ड्रोन हब’ बनने की राह पर है और केंद्र युवाओं को ड्रोन प्रौद्योगिकी के प्रशिक्षण में निवेश करना जारी रखे हुए है।”

जानकारी के मुताबिक उन्होंने कहा, ”खनन और अवैध खनन दो अलग-अलग चीजें हैं। अवैध खनन पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। ड्रोन प्रौद्योगिकी हमारे संसाधनों को बचाने के लिए एक बड़ा साधन बन सकती है।” ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान ड्रोन का उपयोग दवा और टीका पहुंचाने में किया गया।


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