उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने सोमवार को कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर आगे किया तो लोगों के बीच उम्मीद पैदा हुई थी कि मोदी देश की बागडोर संभालेंगे तो देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। 2014 की वही उम्मीद 2019 में विश्वास में बदल गई है।
सतीश महाना ने कहा, ”आजादी के आंदोलन के समय जिस राजनेता के ऊपर जनमानस को विश्वास होता था, कांग्रेस की सरकारों ने उस विश्वास को, नेता शब्द को अपमानित स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया था। नेता शब्द से लोगों का भरोसा उठ गया था और जनता कहने लगी थी कि सभी नेता एक जैसे होते हैं।”
उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, ”कुछ लोगों ने स्वार्थ के कारण और व्यक्तिगत लाभ के कारण गठबंधन किए हैं जिसे प्रदेश की जनता अच्छी तरह से जानती है। जब प्रदेश में बसपा की सरकार गई थी और सपा की सरकार आई थी तो कई दलित बस्तियों में आग लगाने का काम सपा के लोगों ने किया था।”
सतीश महाना ने कहा, ”भले ही नेताओं ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए गठबंधन किया हो, लेकिन न ही जनता और न उस वर्ग के लोग उन बातों को भूले हैं। उन्हें (सपा, बसपा) अपना अस्तित्व बचाने की चिंता है।” प्रदेश में औद्योगीकरण के बारे में मंत्री ने कहा, ”प्रदेश में दशकों बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी मंत्री को मिली है। प्रायः यह विभाग मुख्यमंत्री अपने पास ही रखते थे। पहले उद्योगपति उत्तर प्रदेश की तरफ आना नहीं चाहते थे, लेकिन अब वे इसे संभावनाओं से भरा प्रदेश मानते हैं।”
उन्होंने कहा, ”पिछले 15 साल में सपा और बसपा के कार्यकाल में जितना निवेश उत्तर प्रदेश में आया था, उसका दोगुना निवेश पिछले दो साल में इस प्रदेश में आया है। प्रदेश में बीमार इकाइयों के पुनरुद्धार की योजना हम बना रहे हैं और चुनाव बाद इस दिशा में कार्य में तेजी आएगी।” इस अवसर पर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता (नंदी) ने बताया कि प्रयागराज के व्यापारिक मंडलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने रेल मंत्री पीयूष गोयल मंगलवार को यहां आ रहे हैं और वह व्यापारियों की समस्याओं पर बात करेंगे।


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