उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज से पहले अलर्ट, 15 जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक

Summary :

अधिकारियों ने अब उन लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है जो दंगा करने तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन जुमे की नमाज के मद्दे नजर इलाकों सख्ती बढ़ाई है। साथ कई शहरों में इंटरनेट को बंद किया गया। लखनऊ में इंटरनेट के साथ-साथ एसएमएस सेवा को भी बंद कर दिया गया है। यूपी के सहारनपुर, बुलंदशहर, आगरा, बिजनौर, गाजियाबाद, देवबंद, मथुरा, शामली,संभल, मुजफ्फरनगर , फिरोजाबाद, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर, लखनऊ इन 15 जिलों में इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने अब उन लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है जो दंगा करने तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे। राज्य में हिंसा के दौरान 21 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में उग्र प्रदर्शन में शामिल 82 प्रदर्शनकारियों नोटिस भेजे गए है और उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। 
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जवाब देने में असफल रहने पर अधिकारी उनके खिलाफ कार्यवाही करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। राजधानी में उन सभी लोगों को नोटिस भेजे गए है जिनकी पहचान हिंसा के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग या सीसीटीवी के जरिए मिली है। गौरतलब है कि गत गुरुवार को लखनऊ में सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा कई लोग घायल हो गए थे। 
हिंसा के दौरान दो पुलिस चौकियों के साथ मीडिया के कई वाहन और ओबी वैन को जला दिया गया था। इसी तरह, बरेली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, कानपुर और प्रयागराज सहित अन्य जिलों के अधिकारियों ने सीएए के विरोध के दौरान अपराधियों को नोटिस भेजे हैं। बरेली में अधिकारियों ने दंगाइयों को सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के लिए प्रत्येक को 50 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है। इस बीच आगरा और मथुरा में अधिकारियों ने गुरुवार से दो दिनों के लिए अपने जिलों में फिर से मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। 
हालांकि, निलंबन के एक सप्ताह के बाद लखनऊ सहित राज्य के लगभग सभी हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट फिर से शुरू हो गया। राज्य के अधिकांश स्कूल और कॉलेज या तो शीतलहर के चलेते और सर्दियों की छुट्टियों के लिए बंद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीएए के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में शामिल उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 1113 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सीएए के विरोध में अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में विधि विरुद्ध प्रदर्शनों, आगजनी, तोड़फोड़ एवं पुलिस पर फायरिंग आदि की घटनाओं के संबंध में कुल 327 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 
उन्होंने बताया कि 5558 लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस ने 35 अवैध असलहे, 69 जिंदा कारतूस और 647 कारतूस के खोखे बरामद किए। नागरिकता संशोधन कानून लेकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हिंसक घटनाओं को देखते हुए मथुरा और आगरा में भी खासी सतर्कता बरती जा रही है। शुक्रवार की जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिये गुरुवार से शुक्रवार शाम तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है।

Desk Team