चुनाव के समय मतदाता से सभी राजनीतिक दल अपनी पार्टी के लिए वोट अपील भिन्न प्रकार से करते है जिसमे पद यात्रा से लेकर जनसभा तक शामिल होती है। जनसभा जिसमे जनता बड़े नेता को सुनने कम देखने ज्यादा जाती है। नेता प्रभावी हो तो जनसमूह बड़ी मात्रा में जनसभा में उमड़ता है, नेता जी भी भीड़ को नियंत्रित रखने के बड़ी – बड़ी बाते करते है लेकिन कभी – कभी नेता विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाते हुए शब्दों की मर्यादा लांघ जाते है जो किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। ऐसा ही कुछ समाज वादी पार्टी नेता आजम खान ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान किया एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए नफरत से भरा भाषण दे दिया जिसमे उन्हें दोषी करार दिया।
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान किया था भाषण
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को हेट स्पीच मामले में रामपुर की कोर्ट ने शनिवार को दोषी करार दिया। आजम पर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान शहजाद नगर थाना क्षेत्र के धमोरा में हेट स्पीच देने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ 8 अप्रैल को केस दर्ज किया गया था ।
सजा के साथ ढाई हजार का लगा जुर्मना
आरोप है कि आजम ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, तत्कालीन रामपुर जिला चुनाव अधिकारी और चुनाव आयोग को निशाना बनाते हुए भड़काऊ भाषण दिया था। सपा नेता आजम खान को हेट स्पीच रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।ये मामला 2019 के लोकसभा चुनाव का है।


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