Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने से पहले पत्नी की मौत की पूरी सच्चाई

Summary :

इन दिनों बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री काफी चर्चा में रहते है उनकी तरफ से किए गए चमत्कार से उन के लाखों भक्त उनकी जय जयकार करते है उनके दरबार पर बड़े बड़े नेता अर्जी लगाने जाते है क्योंकी धीरेंद्र शास्त्री उनकी समस्या का समाधान करते है।

इन दिनों बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री काफी चर्चा में रहते है उनकी तरफ से किए गए चमत्कार से उन के लाखों भक्त उनकी जय जयकार करते है उनके दरबार पर बड़े बड़े नेता अर्जी लगाने जाते है क्योंकी धीरेंद्र शास्त्री उनकी समस्या का समाधान करते है। 
इसलिए एक भक्त की पत्नी  की किडनी खराब थी तो वो उसे लेकर बागेश्वर धाम पहुंचा उसने सोचा कि पत्नी ठीक हो जाएगी लेकिन उनकी पत्नी की अर्जी लगाने से पहले ही मौत हो गई।
6 महिने से बीमार चल रही थी पत्नी 
 दरअसल यूपी के  फिरोजाबाद जिले का रहने वाला एक भक्त जिनकी पत्नी की किडनी खराब थी उन्हें अस्पताल ले जाने की जरुरत थी लेकिन उनके पति उन्हें बागेश्वर धाम ले गए जहां उनकी पत्नी की मौत हो गई। परिजनों को ये बात पता चली तो परिवार में कोहराम मच गया। नीलम के बारे में बताया जा रहा है कि नीलम पिछले 6 महिने से बीमार चल रही थी।  जिनका इलाज लंबे समय से चल रहा था। लेकिन कोई लाभ नहीं मिला जिसके चलते वो पत्नी को बागेश्वर धाम लेकर गया था। और वहां उनकी मौत हो गई है। 
पत्नी की मौत के बाद शव को नहीं ले गई एंबुलेंस 
वहीं इस मामले को लेकर देवेंद्र ने बताया की शव घर ले जाने के लिए जब एंबुलेंस वालों को बताया कि फिरोजाबाद से हैं तो उन्होंने गाड़ी से उतार दिया। बोले अपने स्तर से शव को घर ले जाओ। गैर राज्यों में यह नहीं जा सकती। फिर शव को बुधवार की शाम चार बजे छतरपुर से ले जाया गया और फिर नीलम के शव का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 
सरकारी अस्पताल में पत्नी को मृत घोषित किया 
देवेंद्र ने आगे बताया कि दरवार में तबियत बिगड़ने के बाद पुलिस ने नीलम को वहां से हटा दिया। गाड़ी में उसको लेकर करीब 2 घंटे तक खेतों में रुका रहा। उसे लगा कि नीलम की तबियत सही हो जाएगी। इसके बाद सरकारी अस्पताल लेकर गया वहां नीलम को मृत घोषित कर दिया गया। 
 महीने से बागेश्वर धाम जा रहा था पति
उन्होंने आगे बताया उसकी पत्नी  किडनी की बीमारी से परेशान थी। डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया था। इसके बाद वह उसे लेकर लगातार पिछले 6 महीने से बागेश्वर धाम जा रहा था। 15 फरवरी की सुबह नीलम को दरबार में बिठाने के बाद वह संन्यासी बाबा की समाधि और हनुमान मंदिर की परिक्रमा करने लगा तभी पत्नी की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। इस मामले के बाद समस्या का समाधान करने वाले धीरेंद्र शास्त्री पर तमाम तरह के आरोप भी लग रहे है। 

Desk Team