Balrampur News: बलरामपुर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अस्पताल के प्रमुख निदेशक एवं प्रमुख अध्यक्ष देर रात अचानक अस्पताल पहुंचे और अलग-अलग वार्डों तथा विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, स्टाफ की मौजूदगी और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रात करीब 1 बजे शुरू हुए इस निरीक्षण में अस्पताल के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को देखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि रात के समय भी मरीजों को इलाज और जरूरी सुविधाएं समय पर मिलती रहें।
औचक निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी और आईसीयू का विशेष रूप से जायजा लिया गया। यहां गंभीर मरीजों की देखभाल की व्यवस्था देखी गई। इसके साथ ही वेंटिलेटर, मॉनिटर और अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरणों की स्थिति की जांच की गई। प्रमुख निदेशक ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी भी देखी। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि किसी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं या नहीं।
मरीजों से सीधे लिया गया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान न्यू प्राइवेट वार्ड और वार्ड नंबर 11 में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की गई। अधिकारियों ने मरीजों से उनके इलाज और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से साफ-सफाई, डॉक्टरों की उपलब्धता और समय पर दवाएं मिलने को लेकर भी फीडबैक लिया गया। सीधे मरीजों से बात करने का उद्देश्य यह पता लगाना था कि अस्पताल की व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से काम कर रही है।
प्रमुख निदेशक ने सुपर स्पेशलिटी विभाग के साथ वार्ड नंबर 7 और 8 का भी निरीक्षण किया। इन जगहों पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों की स्थिति देखी गई। रात के समय मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि रात्रि ड्यूटी में तैनात कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रहे हैं या नहीं और मरीजों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
रात में लगातार हो रहे औचक निरीक्षण
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, देर रात औचक निरीक्षण को अब नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है। प्रमुख निदेशक कभी रात करीब 1 बजे, तो कभी 2, 3 या तड़के 4 बजे अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे रात्रि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की अचानक मौजूदगी से ड्यूटी में लापरवाही की संभावना कम होगी और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान जहां भी छोटी-मोटी कमियां सामने आईं, उन्हें अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। संबंधित कर्मचारियों और विभागाध्यक्षों को व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी निर्देश दिए गए। अस्पताल प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रहें। खासकर रात के समय भर्ती मरीजों को इलाज, दवा या किसी जरूरी चिकित्सा सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े।
मरीजों की सुविधा को दी जा रही प्राथमिकता
अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि मरीजों की सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। देर रात किए जा रहे औचक निरीक्षणों को इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन निरीक्षणों से जहां अस्पताल के स्टाफ में जिम्मेदारी और अनुशासन बढ़ने की उम्मीद है, वहीं मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा भी मजबूत हो रहा है।
प्रशासन का जोर अस्पताल की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और मरीज-केंद्रित बनाने पर है, ताकि हर मरीज को दिन हो या रात, समय पर बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
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