समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौरी चौरा जनक्रांति के 100 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई संबंध नहीं रहा है और वे दिखावटी चर्चा करते हैं।
यादव ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के स्तुतिगान से उनका सम्मान नहीं होता है, बल्कि पूरी श्रद्धा से उनके विचारों को आत्मसात करना होता है। प्रतिबद्धताएं एवं प्राथमिकताएं तय करने के साथ ही उन पर पूरी निष्ठा से मन, वचन, कर्म से समर्पण करना होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर करना स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को नकारना है। अखिलेश यादव ने यहां जारी एक बयान में कहा कि चौरी चौरा घटना से भाजपा को सबक लेना चाहिए। आज देश का किसान आंदोलित है, वह ठंड में कई साथियों को खोने के बाद भी खेती बचाने के लिए आंदोलनरत है।
उन्होंने कहा कि जो बात किसान कह रहे हैं भाजपा सरकार उन्हें सुनना नहीं चाहती है। तीन कृषि कानूनों की वापसी की वाजिब मांग को लेकर आंदोलित किसानों के प्रति सरकार के रवैये से ज्यादा उम्मीद नहीं है। सरकार को संविधान का सम्मान करना चाहिए। लोकतंत्र में किसानों के साथ न्याय सर्वोपरि स्थान रखता है।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि किसानों के प्रति क्रूरता और जनता के आक्रोश से भाजपा में भी असंतोष पनप रहा है। बयान में कहा गया कि समाजवादी सरकार के समय शहीदों के सम्मान में चौरी चौरा होते हुए गोरखपुर-देवरिया की चार लेन सड़क बनाकर शहीदों की स्मृति को स्थायित्व दिया गया था।


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