वाराणसी : समाजवादी पार्टी से लोकसभा उम्मीदवार एवं बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने से उन्हें रोकने के लिए उनके नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में रोड़े अटका रही है।
यादव की चुनावी किस्मत अभी अधर में है क्योंकि जिला चुनाव अधिकारी ने उनकी ओर से दाखिल दो नामांकन पत्रों में विसंगतियों का जिक्र करते हुए उन्हें नोटिस भेजा है। इस पर यादव ने कहा, ‘‘मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 24 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल कि था और सपा के उम्मीदवार के तौर पर 29 अप्रैल को नामांकन किया था। अगर नामांकनों में कोई दिक्कत थी तो मुझे पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। कम समय बचा होने के बावजूद मेरी कानूनी टीम चुनाव अधिकारी को पूरी जानकारी दे रही है।
यादव ने कहा,‘‘मुझे चुनाव लड़ने से इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि देश का नकली चौकीदार असली चौकीदार से भयभीत है।’’ यादव के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि यादव ने सैनिकों को खराब भोजन परोसे जाने का आरोप लगाया था और उसका वीडियो वायरल कर दिया था जिसके बाद उन्हें बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था।
सपा के उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि यादव को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह किसानों और जवानों की आकांक्षाओं और चिंताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें वाराणसी में लोगों का जो समर्थन मिल रहा है उससे भाजपा भयभीत है।


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