पिछले विधानसभा चुनाव में चुनावी मुद्दा रहे रामपुर के नज़दीक स्वार में लालपुर के पुल का काम फिर से शुरू होने जा रहा है और अगले साल दिसंबर तक ये पुल बनकर भी तैयार हो जायेगा, रामपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने ये बात कही है। दरअसल ये पुल समाजवादी सरकार के वक़्त से अधूरा पड़ा है और अब इसको पूरा करने का ज़िम्मे प्रदेश सरकार ने उठाया है। केशव प्रसाद मौर्या ने रामपुर में पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम की करोड़ों रुपए की योजनाओं की सौगात दी। इनमें 98 करोड़ के पीडब्ल्यूडी के कार्यों का शिलान्यास ओर लोकार्पण किया गया।
इसके अलावा करीब 40 करोड़ की लागत से बनने वाले लालपुर के पुल का काम भी दोबारा शुरू कर दिया है। इस पुल के कई सियासी मायने हैं। यह पुल अब्दुल्ला आज़म की खाली हुई सीट पर 2017 में भी मुद्दा था और आज भी मुद्दा है। इस सीट पर उपचुनाव होना है। उप मुख्यमंत्री का ठीक उपचुनाव से पहले दौरा होना और इस पुल का काम दोबारा शुरू होना उपचुनाव के लिए बीजेपी की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
लालपुर का यह वही पुल है जिसपर पहले आज़म खान ने दांव खेला था और विधानसभा चुनाव से पहले पुल तुड़वा दिया था। पुल बनना शुरू हुआ और आज़म खान ने इस सीट से अपने बेटे अब्दुल्लाह आज़म को चुनाव लड़ा दिया। अब्दुल्लाह चुनाव तो जीत गए लेकिन एसपी सरकार गिर गई और पुल का काम भी रुक गया। यह पुल स्वार विधानसभा के टांडा इलाके के 40 से ज़्यादा गांवों को सीधे प्रभावित करता है।
रामपुर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने मीडिया से बात करते हुए आज़म खान पर बिना नाम लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब समाज के लिए कार्य किया जाता है तो कष्ट कैसे दूर हो, उसके लिए आज हमने शुरुआत की है। हमारा प्रयास होगा कि अस्थाई पुल 30 सितंबर तक जबकि पक्का पुल दिसंबर 2021 बनकर तैयार हो जाएगा।


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