उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या की पहचान साधु, महात्माओं, दीपोत्सव आदि से बनी है। मणिरामदास छावनी के श्रीराम सत्संग भवन में नगर निगम अयोध्या के प्रत्याशी महंत गिरीशपति त्रिपाठी के समर्थन में संत-धर्माचार्यों और प्रबुद्धजनों को सम्बोधित करते हुए योगी ने सोमवार को कहा कि अयोध्या 500 वर्षों से उपेक्षित थी। भाजपा सरकार बनने के बाद हमने दीपोत्सव 2017 में शुरू किया था तथा छठवें दीपोत्सव में स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसको गरिमा प्रदान की थी।
अयोध्या की पहचान साधु, महात्माओं, दीपोत्सव आदि से बनी है। भगवान राम का भव्य मंदिर सभी की आस्था का केन्द्र है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया, जिसमें अयोध्या के संत महापुरुष, पूज्य महंतों व प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास से आशीर्वाद भी लिया।
इस अवसर पर पूज्य संत नृत्यगोपाल दास, मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, श्रीरामजन्मभूमि न्यास ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय सहित अयोध्या के संत धर्माचार्य उपस्थित थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री व जनपद के प्रभारी सूर्यप्रताप शाही मौजूद रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले चार मई को राजकीय इंटर कालेज (जीआईसी) ग्राउंड में एक चुनावी जनसभा में विकास योजनाओं के जरिये विपक्ष को घेरने की कोशिश की थी।


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