पिछले कुछ दिनों में वाराणसी और उसके आसपास के जिलों में कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। मामले को लेकर अधिकारियों ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से संपर्क किया है ताकि शहर में अस्थायी कोविड अस्पताल को फिर से शुरू किया जा सके।
कोविड -19 की स्थिति अभी नियंत्रण में , घबराने की जरूरत नहीं
संभागीय आयुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा, “कोविड -19 की स्थिति अभी नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन, वाराणसी और उसके आसपास के जिलों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि होने लगी है, हमने मामलों को रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं।”उन्होंने कहा, “एहतियात के तौर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथिएटर में आईसीयू सुविधाओं के साथ अस्थायी कोविड अस्पताल के संचालन के लिए डीआरडीओ के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। डीआरडीओ की टीम मंगलवार को यहां आएगी।”
वाराणसी जिले में 95 प्रतिशत लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज ले ली है
500 बिस्तरों वाले डीआरडीओ अस्थायी अस्पताल का नाम पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल था। इसे मई 2021 में एम्फीथिएटर ग्राउंड में कोविड रोगियों के लिए शुरू किया गया था ताकि आईसीयू बेड की आवश्यकता की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।डीआरडीओ की यह सुविधा 16 जून 2021 के बाद लेवल-3 सुविधाओं की आवश्यकता कम होने के बाद बंद कर दी गई थी।आयुक्त ने आगे कहा, “वाराणसी जिले में 95 प्रतिशत लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज ले ली है। अब, उन लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे कोविड की दूसरी डोज जल्द लगवा लें।”


Download Android App
Download iOS App



