उत्तर-प्रदेश जहां लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं, जी हाँ हम उन्हीं 80 सीटों की बात कर रहे हैं जिसके लिए हर बार लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों की निगाहें उत्तर-प्रदेश में ही अड़ी रहती है। इस बार लोकसभा चुनाव में उत्तर-प्रदेश की लोकसभा सीटों को अपने नाम करने के लिए गठबंधन इंडिया हर वो कोशिश कर रही है जिससे चुनावी परिणाम उनके पक्ष में आये। लेकिन RLD पार्टी ने कुछ ऐसे कदम उठाये हैं जिसकी वजह से गठबंधन इंडिया की मुश्किलें और बढ़ सकती है।
RLD की वजह से बढ़ी INDIA की मुश्किलें
अगस्त के महीने में गठबंधन इंडिया की मुंबई में बैठक होने वाली है। जिसमें सीट शेयरिंग को लेकर भी चर्चा की जायेगी, लेकिन उससे पहले ही उत्तर-प्रदेश के कई सीटों की शेयरिंग को लेकर चर्चा की जा रही है। उत्तर-प्रदेश में इस इंडिया गठबंधन के समाजावादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल सदस्य हैं। और अगर बहुजन समाज पार्टी की बात की जाए तो वो अकेले ही चुनाव लड़ना चाहती है। इंडिया गठबंधन के दो दलों का ये दावा है की आगामी लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल 12 सीटों पर दावा जता सकती है।
इन सीटों पर RLD जता सकती है दावा
पश्चिमी यूपी में जातिगत समीकरणों के आधार पर ही RLD ने ये दावा किया है की यूपी के 12 सीट उनके होंगे। लेकिन इस बात पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है। उत्तर-प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं जिनमे से 9 सीटें बसपा की है, 3 सपा की और 1 कांग्रेस की। वहीँ 111 विधायकों का इस गठबंधन में सहयोग सपा को सबसे आगे लेकर चल रहा है। लेकिन RLD का कहना ये है की वो मथुरा, कैराना, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, अमरोहा, फतेहपुर सीकरी, बागपत, अलीगढ़, हाथरस और बुलंदशहर जैसे उत्तर-प्रदेश के 12 सीटों पर दावा जता सकती है।


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